दो अलग-अलग रास्तों के लिए जमीन देने में भूस्वामियों ने जताई असमर्थता

खोदावंदपुर,बेगूसराय। मेघौल गांव में बेगूसराय-रोसड़ा मुख्य पथ एस एच-55 से सहनी टोला तक दो अलग-अलग रास्तों के निर्माण को लेकर मामला उलझ गया है. भूस्वामियों ने दूसरे प्रस्तावित रूट के लिए अपनी जमीन देने में असमर्थता जताई है, जिससे रास्ता निर्माण कार्य में पेंच फंस गया है. बताया जाता है कि मेघौल गांव के वार्ड 14 स्थित पुनर्वासित सहनी मुहल्ला में अब तक रास्ते की सुविधा उपलब्ध नहीं है. मुहल्ले तक सड़क निर्माण की आवश्यकता को देखते हुए पंचायत स्तर पर वर्ष 2024 में योजना बनाई गई थी. योजना के तहत मुख्य सड़क के किनारे स्थित महावीर मंदिर से सीधे पूरब दिशा में रास्ता निर्माण का प्रस्ताव पारित किया गया था. प्रस्तावित रास्ते के दायरे में आने वाले जमीन मालिकों से संपर्क कर सहमति ली गई थी. रास्ता निर्माण से पूर्व संबंधित जमीन के किनारे पक्का नाला का निर्माण भी करा दिया गया, हालांकि अब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. मिली जानकारी के अनुसार पुनर्वासित सहनी मुहल्ला तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण विभाग द्वारा दूसरा रूट भी चिन्हित किया गया है, जो पहले प्रस्तावित स्थल से लगभग 150 मीटर उत्तर दिशा में स्थित है. दूसरे रूट से सड़क निर्माण को लेकर अंचल कार्यालय द्वारा संबंधित भूस्वामियों को नोटिस भेजकर जमीन की रसीद एवं अन्य कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था. बुधवार को अंचल कार्यालय पहुंचे जमीन मालिकों ने सीओ को बताया कि पंचायत स्तर पर पहले से ही रास्ता निर्माण की योजना बनाई जा चुकी है तथा वे लोग उस योजना के तहत अपनी जमीन देने का आश्वासन मुखिया को दे चुके हैं. उसी आधार पर पक्का नाला का निर्माण भी कराया जा चुका है. भूस्वामियों ने स्पष्ट कहा कि अब वे लोग दूसरे चिन्हित रूट के लिए अपनी जमीन देने में असमर्थ हैं. उनका कहना था कि पुनर्वासित सहनी मुहल्ला में पंचायत समिति अंश से जो सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है, वह पहले से चिन्हित रास्ते की सीध में है. ऐसी स्थिति में पहले से प्रस्तावित जमीन पर ही सड़क निर्माण कराना अधिक उचित और व्यावहारिक होगा.