खोदावंदपुर,बेगूसराय। खोदावन्दपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित शहीद जगदेव पुस्तकालय भवन परिसर में शुक्रवार को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका दीदियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना और उन्हें सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी देना था. प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक सीएफ विकिरण कुमारी, सीएनआरपी रीमा कुमारी एवं जीविका सीएम स्मिता कुमारी ने उपस्थित दीदियों को योजना के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. प्रशिक्षकों ने बताया कि इस योजना के तहत लाभुक महिलाओं को कुल 2,10,000 तक की अनुदान राशि सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें. उन्होंने जानकारी दी कि यह अनुदान राशि पांच चरणों (किस्तों) में दी जाएगी।
प्रथम चरण: 10,000 (DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में)
द्वितीय चरण: 20,000 (लाभार्थी अंशदान 5,000)
तृतीय चरण: 40,000 (लाभार्थी अंशदान 10,000)
चतुर्थ चरण: 80,000 (लाभार्थी अंशदान 20,000)
पंचम चरण: 60,000 (ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग हेतु)
प्रशिक्षकों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक अगली किस्त प्राप्त करने के लिए पिछली किस्त की राशि का सही उपयोग एवं उसका प्रमाण देना अनिवार्य होगा. साथ ही लाभुकों को स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़कर नियमित बचत, प्रशिक्षण और व्यवसाय योजना तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया. वहीं क्लस्टर को-ऑर्डिनेटर दिलीप कुमार ने बताया कि बिहार लघु उद्यमी योजना से आच्छादित लाभुक इस योजना के अतिरिक्त चरणों का लाभ नहीं ले सकेंगे. इसलिए चयन के समय पात्रता का विशेष ध्यान रखा जाएगा. कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को व्यवसाय चयन, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, वित्तीय प्रबंधन और आत्मनिर्भर बनने के विभिन्न उपायों की भी जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों की भागीदारी रही, जिन्होंने इस योजना के प्रति उत्साह और रुचि दिखाई. इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने सरकार की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी और अपने परिवार की आय में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी.