बगैर ड्रेस के परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से किया वर्जित, मामला उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी की*

खोदावंदपुर,बेगूसराय। बगैर ड्रेस के 11वीं की परीक्षा देने पहुंचे दर्जनों परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से वर्जित कर दिया गया. यह घटना सोमवार को उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी परीक्षा केंद्र पर घटी.  परीक्षा में शामिल नहीं होने देने पर ऐसे परीक्षार्थियों ने ट्रेलर की दुकान पर जाकर स्कूल ड्रेस बनवाने का आर्डर दिया, उसके बाद परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल किया गया. इस कारण से दर्जनों परीक्षार्थी सोमवार को निर्धारित समय से करीब एक से डेढ़ घंटा बाद परीक्षा में शामिल हुए. मिली जानकारी के अनुसार 11वीं वर्ग की वार्षिक परीक्षा सोमवार से शुरू हुई है. इस परीक्षा की पहली पाली में शामिल होने के लिए परीक्षार्थी सुबह साढ़े 9 बजे उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी परीक्षा केंद्र पर पहुंचे, स्कूल ड्रेस में पहुंचने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में जाने दिया गया, जबकि बिना ड्रेस में आये दर्जनों परीक्षार्थियों को मुख्य द्वार पर रोक दिया गया. ऐसे परीक्षार्थियों को ड्रेस में आने का निर्देश दिया गया. इस घटना से परीक्षार्थियों में अफरातफरी मच गयी. घटना की जानकारी पाकर अभिभावक भी पहुंच गये. परीक्षा में शामिल होने से रोके जाने पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक सह विद्यालय प्रधान से अपनी नाराजगी जतायी. परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल करने के लिए केंद्राधीक्षक पर दवाब बनाने का प्रयास भी किया गया, परंतु केंद्राधीक्षक अपने निर्देश पर अड़े रहे. बाद में केंद्राधीक्षक ने ड्रेस सिलवाने के लिए परीक्षार्थियों को एक दिन की मोहलत दी. ड्रेस बनवाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद इन परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल किया गया. परीक्षा में शामिल होने पर परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों ने राहत की सांस ली.
इस संदर्भ में उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुसहरी के प्रधानाध्यापक विपिन कुमार राम ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा कई महीने पहले ही स्कूल ड्रेस की राशि छात्र छात्राओं के बैंक खाता में उपलब्ध करवा दिया गया है. शिक्षा विभाग का सख्त निर्देश है कि बच्चे स्कूल ड्रेस में ही विद्यालय आयें. उन्होंने बताया कि उनके शिक्षण संस्थान के सभी बच्चों को स्कूल ड्रेस की राशि उपलब्ध करा दिया गया है, परंतु कुछ बच्चे ड्रेस नहीं सिलवाये हैं. विद्यालय प्रधान ने बताया कि सोमवार से शुरू 11वीं की वार्षिक परीक्षा में शामिल होने के लिए करीब एक दर्जन छात्र-छात्रा जींस पैंट पहनकर आ गये, जिन्हें सबक सिखाने के लिए प्रवेश द्वार पर रोक दिया गया. ऐसे छात्र- छात्रा को ड्रेस में आने की कड़ी हिदायत दी गयी. ड्रेस सिलवाने के लिए एक दिन का मौका दिया गया और अंत में ऐसे बच्चों को परीक्षा में शामिल होने की इजाजत दे दी गयी. विद्यालय प्रधान ने बताया कि उनके परीक्षा केंद्र पर उन्हीं के शिक्षण संस्थान के 11वीं वर्ग के कुल 80 छात्र- छात्रा वार्षिक परीक्षा में सोमवार को शामिल हुए, जिनमें विज्ञान संकाय के 40 एवं कला संकाय के भी 40 परीक्षार्थी शामिल हैं.