बेगूसराय: सीएसपी संचालिका लूटकांड में संलिप्त चार अपराधियों को पुलिस ने हथियार के साथ किया गिरफ्तार, एसपी ने अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना का किया खुलासा

खोदावंदपुर/बेगूसराय। शनिवार को एसपी योगेंद्र कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया कर्मियों को बताया कि वीरपुर थाना क्षेत्र में गत 27 अक्टूबर को सरौंजा वार्ड 6 निवासी सुरेंद्र चौधरी की पत्नी सविता जयसवाल जो यूकों बैंक से 2 लाख 57 हजार रुपये की निकासी कर अपने चचेरे ससुर विकास कुमार के साथ अपने घर लौट रही थी। इसी बीच एक बाइक पर सवार तीन हथियारबंद अपराधियों ने सीएसपी संचालिका के  बाइक में आकर टक्कर मार दिया, उसके बाद अपराधियों ने उसके रुपये के थैले और मोबाइल को लूट लिया। इस घटना का विरोध जब उसके चचेरे ससुर ने किया तो अपराधियों ने उसे गोली मारकर जख्मी कर दिया। एसपी ने बताया कि  वीरपुर थाना में इस घटना की प्राथमिकी दर्ज सीएसपी की संचालिका के द्वारा करवाई गयी थी. उन्होंने बताया कि लूट की घटना को मेरे द्वारा पूरी गंभीरता से लिया गया और सदर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक छापामारी टीम का गठन किया गया। एसपी ने बताया कि वीरपुर थाने की पुलिस ने बीते दिन इस घटना में संलिप्त चार अपराधियों को एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, इस लूट की घटना में प्रयोग किए गए एक बाइक, 8 मोबाइल तथा लूट के 7 हजार रुपये के साथ पुलिस ने अपराधियों को धर दबोचा। गिरफ्तार उन चार अपराधियों में गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मोरतर वार्ड नंबर 2 निवासी स्व० विनय कुमार राय का पुत्र आयुष कुमार उर्फ गोलू, दूसरा समस्तीपुर जिला के रोसड़ा थाना क्षेत्र के चकमौहली वार्ड नंबर 12 निवासी भालू पासवान का पुत्र बिरजू पासवान, तीसरा हसनपुर थाना क्षेत्र के रामरतन साह का पुत्र रोशन कुमार और चौथा अपराधी गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मोरतर वार्ड 12 निवासी रमेश पासवान का पुत्र सुनील कुमार शामिल था। इन चारों अपराधियों ने इस घटना में अपनी संलिप्तता को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावे इन अपराधियों ने खोदावन्दपुर (छौड़ाही) थाना क्षेत्र के शिव चंदन पासवान के पुत्र प्रमोद पासवान से भी 58 हजार रुपये की लूट की थी। उसमें भी अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है। इन चारों अपराधियों को गिरफ्तार करने में वीरपुर थानाध्यक्ष समरेंद्र कुमार, छौड़ाही ओपीध्यक्ष राघवेंद्र कुमार, गढ़पुरा थानाध्यक्ष मनीष कुमार आनंद एवं सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे।