खोदावंदपुर,बेगूसराय। पिछले दो तीन दिनों से खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक चरम पर देखा जा रहा है. सड़क पर घूमने वाले आवारा कुत्तों के काटने से अबतक करीब तीन दर्जन लोग जख्मी हो चुके हैं. खासकर बरियारपुर पश्चिमी एवं बाड़ा पंचायत में आवारा कुत्तों का आतंक कायम है. मिली जानकारी के अनुसार आवारा कुत्ता के काटने से उत्क्रमित मध्य विद्यालय सदर बाजार बरियारपुर पश्चिमी के शिक्षक मोहम्मद सैयूम, बरियारपुर पश्चिमी गांव के पप्पू साह, नीतीश कुमार समेत लगभग तीन दर्जन लोग जख्मी हो चुके हैं. सभी जख्मी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोदावन्दपुर में करवाया गया है. वहीं चिकित्सकों ने जख्मी पप्पू साह को स्थिति गंभीर देख उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय रेफर कर दिया. कुत्ता के आतंक को लेकर पूरे प्रखंड क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त है. लोग अपने बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं. बरियारपुर पश्चिमी एवं बाड़ा पंचायत के मिर्जापुर, फफौत, मसुराज गांव के कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पिछले दो तीन दिनों से आवारा कुता का आतंक काफी बढ़ा हुआ है. आवारा कुत्ता के भय से लोग रात में अपने दरवाजे पर नहीं सो रहे. खेती करने वाले किसान भी अपने खेतों पर जाने से परहेज कर रहे हैं. अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी परहेज कर रहे हैं. कुत्ता के आतंक से भयभीत ग्रामीणों ने आवारा कुत्तों पर नकेल कसे जाने की मांग स्थानीय प्रशासन से किया है.
इस संदर्भ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोदावन्दपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनिल प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार को कुत्ता काटने से जख्मी हुए करीब 30 मरीज अस्पताल में अपना इलाज करवाने आये हैं, जिन्हें रेबीज की सुई दे दी गयी है. उन्होंने बताया कि फिलहाल अस्पताल में रेबीज की सुई उपलब्ध है, परंतु जिस रफ्तार से कुत्ता काटने का मामला सामने आ रहा है, उसको देखते हुए रेबीज की सूई कम पड़ सकती है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने लोगों से आग्रह किया है कि आवारा कुत्ता से बचने का प्रयास करें, बच्चों को घर से नहीं निकलने दें. सतर्क रहें और आवारा या पागल कुत्ता को देखते ही उसे घेरकर मार देने की कोशिश करें अन्यथा कुत्ता काटने से जख्मी होने वाले लोगों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है.