खोदावंदपुर/बेगूसराय। पिछले दो वर्षों की तुलना में इस वर्ष वर्षा काफी कम हुई. पिछले वर्ष की तुलना में इस साल 48 प्रतिशत औसतन कम बारिश हुई. वर्षा कम होने से इसका असर धान की खेती पर पड़ा. कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र में 985 हेक्टेयर में धान रोपने का लक्ष्य था, जिसमें 462 हेक्टेयर में अबतक धान की रोपाई हुई है. प्रखंड क्षेत्र में 98.5 हेक्टेयर में धान की बिचड़ा लगाया था.कम बारिश होने से बिचड़ा सुख गया. इतना ही नहीं कम वर्षा के कारण नीचली भूमि वाली खेतों में पानी है, परंतु ऊपरी जमीन वाले खेतों में पानी नहीं है. किसान किसी तरह नीजी नलकूपों के जरिए धान की फसल बचाने के लिए पटवन करने में लगें हैं.कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अबतक 48 प्रतिशत कम बारिश हुई है.प्रखंड कृषि समन्वयक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्षा कम होने से धान की फसल काफी प्रभावित हुई है. इसको लेकर मक्का, मूली, उड़द, तूरिया आदि खरीफ फसलों के बीज के आवंटन की मांग विभाग से की गयी है, ताकि किसान अपने खेतों में इन फसलों को लगाकर धान फसल की क्षति की भरपाई कर सकें.