खोदावंदपुर,बेगूसराय। शुक्रवार की देर शाम तेज आंधी एवं ओलावृष्टि के साथ आयी बारिश ने खेत में लहलहाती रब्बी फसलों को बर्बाद कर दिया है. मक्के व गेहूं की फसल धाराशायी हो गयी. खेत में खड़ी सरसों की पकी फसल को भी नुकसान पहुंचा है. इतना ही नहीं सरसों की कटी फसल जो खेत में सूखने के लिए पसारी गयी, उसे भी काफी नुकसान पहुंचा है. तेज आंधी व ओलावृष्टि ने आम एवं लीची के मंजरों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है. प्रकृति की मार से खोदावंदपुर के किसानों की हिम्मत जवाब देने लगी है. सागी, दौलतपुर, बाड़ा, बरियारपुर पूर्वी, बरियारपुर पश्चिमी, फफौत, खोदावन्दपुर एवं मेघौल पंचायत के किसानों का कहना है कि खेती अब जुआ हो गया है, जिसमें जीत जाने की उम्मीद कम होती है और हारने की संभावना अधिक रहती है. यहां के किसानों ने बताया है कि अभी आलू की खेती में सफलता मिली, उपज अच्छी हुई. परंतु आलू की कीमत सबसे नीचे आ गयी. आलू 3 से 4 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से कोई खरीदने वाला नहीं मिल रहा, जितनी की आलू नहीं उतना खर्च कोल्ड स्टोर में भंडारण करने में लग जाता है. किसानों ने बताया कि आलू फसल की भरपाई मकई, गेहूं एवं तेलहन सरसों की फसल से करने की जो उम्मीद जगी थी, उसपर प्रकृति ने पानी फेर दिया है.