बिहार दिवस पर योगाभ्यास का आयोजन, छात्र-छात्राओं को सिखायी गयी स्वस्थ जीवन की कला

खोदावंदपुर (बेगूसराय)। बिहार दिवस के अवसर पर खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र के आशा ज्योति आनंद योगपीठ महाविद्यालय दौलतपुर परिसर में रविवार को विशेष योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान छात्र-छात्राओं को योग के विभिन्न आसनों और उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी. कार्यक्रम में प्रशिक्षक डॉ प्रेमचन्द प्रियदर्शी ने सूर्यनमस्कार, घुटना चालन क्रिया सहित अन्य योग क्रियाओं का अभ्यास करवाते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और कार्य करने की क्षमता बढ़ती है. उन्होंने कहा कि योग से मानसिक संतुलन बना रहता है और व्यक्ति तनावमुक्त जीवन जी सकता है. प्रशिक्षक ने बताया कि सूर्यनमस्कार और अन्य योग क्रियाएं शरीर को मजबूत बनाती हैं तथा शरीर में ऊष्मा का संचार कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं. वहीं प्राणायाम के माध्यम से सांसों पर नियंत्रण पाया जाता है, जिससे श्वास संबंधी कई बीमारियों से बचाव संभव है. इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक अखिलेश कुमार बंटी ने कहा कि योग जीवन जीने की सबसे बेहतरीन कला है. योग के माध्यम से व्यक्ति न केवल स्वयं को स्वस्थ रख सकता है, बल्कि समाज को भी स्वस्थ बनाने में योगदान दे सकता है. कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों माध्यमों से योग का प्रशिक्षण दिया गया, साथ ही अष्टांग योग के आठ अंगों- यम, नियम, आसन, प्राणायाम आदि के बारे में विस्तार से बताया गया. प्रशिक्षक ने यम के अंतर्गत सत्य, अहिंसा, चोरी न करना और नैतिक शुद्धता जैसे सामाजिक अनुशासन की जानकारी दी. वहीं नियम के तहत आंतरिक और बाह्य शुद्धि (शौच), संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्राणिधान जैसे व्यक्तिगत अनुशासन के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया. कार्यक्रम के अंत में छात्रों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया गया और संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है, इसलिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिये. मौके पर ग्रामीण मुकेश कुमार, वैद्यनाथ प्रसाद सिंह, रौशन कुमार, रंजीत कुमार, मिथिलेश कुमार, राकेश कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद थे.