खोदावंदपुर,बेगूसराय। गन्ना की खेती का किसानों की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान है. यह तब संभव है जब हमारे किसान आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक से खेती में यंत्र का प्रयोग करते हुए समय पर करें और फसलों का समुचित देखभाल करें. इसके लिए हसनपुर चीनी मिल सदैव तत्पर है. इन्हीं उद्देश्यों को लेकर हसनपुर चीनी मिल के सौजन्य से रविवार को खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र के बरियारपुर पश्चिमी गाछी टोला में गन्ना उत्पादक किसानों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में हसनपुर चीनी मिल के अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्रशिक्षित किया. इस अवसर पर बिहार व उत्तर प्रदेश के गन्ना सलाहकार राजीव कुमार शर्मा ने किसानों को सरकार एवं मिल द्वारा दिये जाने वाले अनुदान की विस्तार से जानकारी दी तथा इसका समुचित लाभ उठाने को कहा. गन्ना एक नगदी फसल है, शीतकालीन और गर्म मौसम में गाना की बुवाई की जाती है. यह तापमान आधारित कृषि है. अभी गर्मा गन्ना की रोपनी का समय है. ऐसे में तापमान का ख्याल रखना किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. प्रति हेक्टेयर बेहतर उत्पादन के लिए एक गन्ना में 7 से 8 बीज निकाला जा सकता है और एक बीज से एक मदर पौधा एवं सात शाखा कुल आठ पौधे लिये जा सकते हैं. समय-समय पर मिल के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ किसानों के खेतों पर जाकर उसके कीट व्याधि प्रबंधन की भी जानकारी देते हैं. चीनी मिल किसानों को गन्ना खेती के लिए बीज पर अनुदान, उर्वरक एवं कीटनाशक भी उचित मूल्य पर मुहैया कराती है. उचित किसानों की सहायता के लिए जो भी संभव है, हसनपुर मिल प्रयासरत है. उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक रकवा में गन्ना की खेती करने का आह्वान किया. प्रशिक्षण को मिल के गन्ना उपाध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, गन्ना प्रबंधक अतुल कुमार मिश्रा, केन इंस्पेक्टर अनोज कुमार, फील्ड सुपरवाइजर शिव कुमार ने किसानों को संबोधित किया. कार्यक्रम में किसान राजाराम महतो, बाबू प्रसाद महतो, मोहन यादव, रामविलास महतो, अरुण महतो, राम शंकर महतो, रामबाबू महतो, संतोष कुमार, प्रमोद यादव सहित अनेक गन्ना उत्पादक किसान मौजूद थे.