खोदावंदपुर,बेगूसराय। खोदावन्दपुर थाना क्षेत्र में हथियार के साथ युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले को लेकर रविवार को बेगूसराय रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार सिन्हा ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर जांच की. इस दौरान उन्होंने सागी पंचायत के सागीडीह गांव में पहुंचकर स्थानीय लोगों से विस्तृत पूछताछ की और मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिस्तौल लहराते हुए वीडियो वायरल करने वाले युवक की पहचान सागी पंचायत के वार्ड नंबर- 14 निवासी रामनंदन महतो के पुत्र आयुष कुमार उर्फ मिस्त्री के रूप में की गयी है.हालांकि इस मामले में प्राथमिकी किसी अन्य युवक के खिलाफ दर्ज होने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है. मिली जानकारी के अनुसार खोदावंदपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने आयुष के चचेरे भाई एवं मनोज महतो के पुत्र सौरभ कुमार को नामजद अभियुक्त बनाते हुए मामला दर्ज किया था.इसके बाद सौरभ कुमार एवं उनके परिजनों ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए डीआईजी तथा अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों से शिकायत की थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी ने पहले इस मामले की जांच का जिम्मा एसपी बेगूसराय को सौंपा था, लेकिन बाद में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर उन्होंने स्वयं ही इस कांड की जांच करने का निर्णय लिया. 19 अप्रैल को अपने दौरे के दौरान डीआईजी ने आयुष कुमार एवं सौरभ कुमार के परिजनों से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. जांच के दौरान मंझौल एसडीपीओ नवीन कुमार, पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार तथा थानाध्यक्ष चंदन कुमार भी मौजूद रहे. सूत्रों के अनुसार हथियार लहराते हुए युवक का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, वह करीब चार वर्ष पुराना बताया जा रहा है. हालांकि पुलिस इस पहलू की भी गहनता से जांच कर रही है, ताकि मामले की वास्तविकता सामने लाई जा सके. डीआईजी ने अधिकारियों को निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच करने का निर्देश देते हुए कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी, जबकि निर्दोष को किसी भी सूरत में परेशान नहीं किया जायेगा.