एसडीएम के आदेश की खुलेआम धज्जियां *छौड़ाही में रोस्टर तोड़ अनाज वितरण का खेल* *डीलरों का आरोप-प्रभावशाली सफेदपोश के इशारे पर चल रहा पुरा तंत्र*

खोदावन्दपुर/बेगूसराय। छौड़ाही में जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने के लिए मंझौल अनुमंडल कार्यालय द्वारा जारी स्पष्ट रोस्टर आदेश के बावजूद छौड़ाही प्रखंड में अनाज वितरण को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं. डीलरों और उपभोक्ताओं का कहना है कि एसडीएम कार्यालय मंझौल के आदेश को दरकिनार कर एक कथित प्रभावशाली सफेदपोश की मिलीभगत से एमओ और गोदाम प्रबंधक मनमर्जी से अनाज का उठाव और वितरण करा रहे हैं. इससे ना सिर्फ रोस्टर व्यवस्था ध्वस्त हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा और कई डीलर आर्थिक एवं मानसिक दबाव झेलने को मजबूर हैं. मंझौल एसडीएम कार्यालय द्वारा जारी आदेश में पंचायतवार रोस्टर तय कर स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि प्रत्येक माह निर्धारित क्रम के अनुसार ही गोदाम से अनाज का उठाव होगा. आदेश में यह भी उल्लेख है कि रोस्टर में किसी प्रकार का परिवर्तन अनुमंडल पदाधिकारी की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा. बावजूद इसके डीलरों का आरोप है कि चेहरे या चहेते डीलरों को पहले अनाज उपलब्ध करा दिया जाता है, जबकि बाकी डीलरों को अंत में बुलाया जाता है. शाहपुर पंचायत के डीलर राजेश महतो, गीता देवी और अनिल पासवान ने बताया कि उन्हें रोस्टर के अनुरूप अनाज नहीं दिया जा रहा है. नारायणपीपड़ पंचायत के डीलर राजीव कुमार का भी यही कहना है कि कई बार आग्रह और शिकायत के बावजूद उठाव में भेदभाव जारी है. उनका आरोप है कि जिन डीलरों की पहुंच छौड़ाही के एक प्रभावशाली व्यक्ति तक है, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है. हम लोग रोस्टर के अनुसार पहुंचते हैं, लेकिन हमें कहा जाता है कि स्टॉक नहीं है या बाद में आइए, जबकि उसी दिन कुछ अन्य डीलरों को गाड़ी भरकर अनाज दिया जाता है. एक डीलर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि इस कथित भेदभाव का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है. उपभोक्ता रामबाबू महतो, मुकेश कुमार, विकास पासवान, अनोज पासवान और रामसुखित शर्मा सहित दर्जनों उपभोक्ताओं ने बताया कि डीलर समय पर अनाज नहीं देते. हर महीने चक्कर लगाना पड़ता है. डीलर कहते हैं माल नहीं आया. आखिर हम गरीब लोग कहां जाएं? उपभोक्ताओं ने यह सवाल उठाया है. डीलरों का कहना है कि जब उन्हें समय पर उठाव नहीं मिलता, तो वे भी वितरण समय पर नहीं कर पाते और इसका खामियाजा उन्हें उपभोक्ताओं के गुस्से के रूप में भुगतना पड़ता है. सूत्रों के अनुसार इस मामले में पूर्व में मंझौल एसडीएम द्वारा सहायक गोदाम प्रबंधक छौड़ाही से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था. बावजूद इसके जमीनी स्तर पर स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है. डीलरों का आरोप है कि माफियागिरी इस कदर हावी है कि रोस्टर पालन महज खानापूर्ति बनकर रह गया है. शिकायत करने पर डीलरों को ही स्पष्टीकरण देकर दबाव में लेने की कोशिश की जाती है, जिससे अन्य लोग खुलकर सामने आने से कतराते हैं. डीलरअनिल पासवान, राजेश महतो,राजीव कुमार एवं गीता कुमारी सहित अन्य ने इस पूरे प्रकरण को लेकर बेगूसराय के जिलाधिकारी को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में यह भी उल्लेख है कि यदि समयबद्ध और पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो जन वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो जाएगी. डीलरों ने सवाल उठाया है कि आखिर वह प्रभावशाली व्यक्ति कौन है, जिसके इशारे पर सरकारी खजाने से जनता का अनाज नियमों के विरुद्ध इधर-उधर किया जा रहा है? क्या प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा या फिर रोस्टर व्यवस्था कागजों तक सीमित रहेगी.? विशेषज्ञों का मानना है कि जन वितरण प्रणाली गरीब और जरूरतमंद परिवारों की जीवन रेखा है. इसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा पर प्रहार है. यदि रोस्टर का पालन नहीं हो रहा है, तो यह ना सिर्फ प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है, बल्कि भ्रष्टाचार की आशंका को भी बल देता है. ऐसे में जिला प्रशासन को चाहिए कि गोदाम के स्टॉक रजिस्टर, उठाव तिथि, वाहन प्रविष्टि और पंचायतवार वितरण रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच कराए. इस पुरे मामले में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं सहायक गोदाम प्रबंधक छौड़ाही की भूमिका भी संदेहास्पद होने का आरोप लग रहा है. अब निगाहें जिलाधिकारी पर टिकी हैं. क्या वे इस मामले में त्वरित संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच के आदेश देंगे? क्या कथित प्रभावशाली व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई होगी? छौड़ाही के हजारों उपभोक्ता और डीलर इस सवाल का जवाब चाहते हैं. यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो रोस्टर व्यवस्था की धज्जियां उड़ती रहेंगी और गरीबों का हक ताकतवरों की मर्जी पर निर्भर रहेगा.
कहते प्रभारी पदाधिकारी:-
रोस्टर से ही डीलरों को अनाज उपलब्ध कराना है. छौड़ाही के सहायक गोदाम प्रबंधक को रोस्टर पालन करने हेतु निर्देशित किया जा रहा है.
सरोज कुमार, प्रभारी अनुमंडल आपूर्ति पदाधिकारी, मंझौल

छौड़ाही प्रखंड कार्यालय कैंपस स्थित अनाज गोदाम