गेट एरिया और हसनपुर चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना किसानों ने दिखाई एकजुटता* *संगठन चुनाव के साथ किसानों के हित में लिये गये कई अहम निर्णय* *हसनपुर-गेट एरिया, छौड़ाही, गढ़पुरा समेत विभिन्न प्रखंडों के किसानों की भागीदारी*

खोदावंदपुर/बेगूसराय। हसनपुर चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना किसानों ने एक बार फिर अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए किसान हित के मुद्दों पर मजबूत आवाज बुलंद की है. हसनपुर स्थित किसान भवन में आयोजित ईख काश्तकार संघ की संयुक्त बैठक सह सांगठनिक चुनाव में बेगूसराय जिला के गेट एरिया, छौड़ाही, गढ़पुरा सहित अन्य प्रखंडों एवं समस्तीपुर जिले के बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने गन्ना खेती से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की. बैठक में संगठन के नये पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया गया. वहीं गन्ना किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किये गये. बैठक में किसानों ने स्पष्ट कहा कि गन्ना खेती आज आर्थिक संकट से गुजर रही है. लगातार बढ़ती लागत,समय पर भुगतान नहीं होना, चलान वितरण में गड़बड़ी और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं में कमी के कारण किसान परेशान हैं. इसके बावजूद किसान गन्ना खेती को बचाये रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. किसानों ने कहा कि यदि समय रहते सरकार और चीनी मिल प्रबंधन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आने वाले समय में गन्ना उत्पादन पर गंभीर असर पड़ सकता है.
संगठन चुनाव में सर्वसम्मति से हुआ पदाधिकारियों का चयन-
बैठक का मुख्य आकर्षण ईख काश्तकार संघ का सांगठनिक चुनाव रहा. चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सर्वसम्मति के आधार पर संपन्न हुई. बैठक में उपस्थित किसानों ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा किसानों की समस्याओं को एकजुट होकर उठाने पर जोर दिया. सर्वसम्मति से लिये गये निर्णय के अनुसार संगठन के अध्यक्ष पद पर श्री शिवचन्द्र यादव को चुना गया. उनके प्रस्तावक के रूप में राजा अली तथा समर्थक के रूप में नवीन कुमार सिंह एवं जय प्रकाश राय उपस्थित रहे. वहीं उपाध्यक्ष पद पर राजा अली का चयन किया गया, जिनके प्रस्तावक कारी साहेब एवं समर्थक छोटे लाल यादव रहे. सचिव पद की जिम्मेदारी श्री त्रिपुरारी गौतम को सौंपी गयी. उनके प्रस्तावक नवीन कुमार सिंह एवं समर्थक राजकुमार आजाद रहे. कोषाध्यक्ष पद पर श्री राम नरेश यादव का चयन किया गया, जिनके प्रस्तावक सिकंदर साहेब तथा समर्थक राजा अली बने. महामंत्री पद पर श्री नीरज कुमार सिंह को जिम्मेदारी दी गयी. उनके प्रस्तावक जय प्रकाश राय एवं समर्थक संजीव कुमार सिंह रहे. संगठन मंत्री पद पर श्री सिकंदर साहेब का चयन किया गया. उनके प्रस्तावक विजय साहेब तथा समर्थक रामकुमार राय(पप्पू) रहे. मीडिया प्रभारी के रूप में मुरली कुमार मिश्रा का चयन किया गया, जिनके प्रस्तावक राजा अली तथा समर्थक राजीव राय बने. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों ने नवचयनित पदाधिकारियों को माला पहनाकर सम्मानित किया और उम्मीद जतायी कि नया नेतृत्व किसानों की समस्याओं को मजबूती के साथ प्रशासन एवं चीनी मिल प्रबंधन के समक्ष उठायेगा.
गन्ना किसानों की समस्याओं पर गंभीर मंथन-
बैठक में उपस्थित किसानों ने गन्ना खेती से जुड़ी समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. किसानों ने कहा कि गन्ना उत्पादन में लगातार लागत बढ़ रही है. खाद, डीजल, मजदूरी, सिंचाई एवं कीटनाशक दवाओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, लेकिन किसानों को उसके अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा है. गढ़पुरा एवं गेट एरिया के किसानों ने भी अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि चीनी मिल प्रबंधन को किसानों की परेशानियों को गंभीरता से लेना चाहिए. किसानों ने कहा कि यदि समय पर भुगतान और सुविधाएं मिलें तो क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई दिशा मिल सकती है.
चलान वितरण व्यवस्था में सुधार की उठी मांग-
बैठक में सबसे अधिक चर्चा गन्ना कटाई के समय मिलने वाले चलान को लेकर हुई. किसानों ने कहा कि चलान वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जिससे छोटे किसानों को काफी परेशानी होती है. कई बार किसानों की फसल तैयार रहती है, लेकिन समय पर चलान नहीं मिलने से खेत में ही गन्ना सूखने लगता है. प्रगतिशील किसानों ने कहा कि चलान वितरण की व्यवस्था को डिजिटल होने के बावजूद समयबद्ध बनाया जाये ताकि किसानों को बार-बार कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े. किसानों ने यह भी कहा कि जिन किसानों का गन्ना तैयार है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चलान उपलब्ध कराया जाये. किसानों का कहना था कि देर से कटाई होने पर गन्ने का वजन घट जाता है, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन ने इसे प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाने का निर्णय लिया.
किसानों के हित में लिये गये कई अहम निर्णय-
बैठक में किसानों की समस्याओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किये गये. संगठन ने निर्णय लिया कि गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को समय सीमा के भीतर सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक पहल की जायेगी. साथ ही जरूरत पड़ने पर आंदोलनात्मक रणनीति भी तैयार की जायेगी. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गन्ना किसानों को समय पर चलान उपलब्ध कराया जाये, बीज एवं गन्ना रोपाई से संबंधित राशि का भुगतान शीघ्र किया जाये, किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित निगरानी हो, छोटे एवं सीमांत किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाये, हसनपुर बाजार में संघ का खाता खोलने, गन्ना खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाये. किसानों ने कहा कि गन्ना किसान ही चीनी उद्योग की रीढ़ हैं. यदि किसानों को समय पर भुगतान और सम्मान नहीं मिलेगा तो आने वाले दिनों में गन्ना उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा.
किसानों ने दिखाई एकजुटता, संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प-
बैठक में बेगूसराय और समस्तीपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया. किसानों ने कहा कि जब तक किसान एकजुट नहीं होंगे, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है. किसानों ने संगठन को गांव स्तर तक मजबूत करने का निर्णय लिया ताकि हर किसान की आवाज संगठन तक पहुंच सके. बैठक में प्रगतिशील किसान राम नरेश यादव, राजकुमार आजाद, कारी यादव, नवीन कुमार सिंह, जय प्रकाश राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव राय, सिकंदर साहेब, विजय साहेब, छोटे लाल यादव समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे. किसानों ने सरकार से गन्ना मूल्य वृद्धि, समय पर भुगतान और किसानों के लिए विशेष सहायता पैकेज की मांग भी उठायी. वक्ताओं ने कहा कि हसनपुर चीनी मिल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेगूसराय,समस्तीपुर, छौड़ाही, गढ़पुरा एवं आसपास के इलाकों में हजारों किसान गन्ना खेती पर निर्भर हैं. यदि सरकार और चीनी मिल प्रबंधन किसानों के हित में सकारात्मक पहल करे तो गन्ना खेती क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकती है. बैठक के अंत में नवचयनित पदाधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि संगठन किसानों की हर समस्या को मजबूती के साथ उठायेगा और गन्ना किसानों के अधिकार एवं सम्मान की लड़ाई निरंतर जारी रखी जायेगी.