खोदावंदपुर,बेगूसराय। अपने स्थापना काल से किसी न किसी बात को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले एम आर डी इण्टरमीडिएट कॉलेज मेघौल एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है. पूर्व प्राचार्या की सेवानिवृत्ति के बाद इस कॉलेज में कनीय व्याख्याता को कॉलेज का प्रभारी प्राचार्य बनाये जाने का मामला सामने आया है. वरीय व्याख्याता के रहते कॉलेज शासी निकाय प्रबंध समिति द्वारा कनीय व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य बनाये जाने की घटना का विरोध किया गया है. इस संदर्भ में जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी गयी है. मिली जानकारी के अनुसार एम आर डी इण्टर कॉलेज मेघौल के तर्क शास्त्र के व्याख्याता विजय कुमार झा ने डीईओ को पत्र लिखकर बताया है कि विगत 28 फरवरी को कॉलेज की पूर्व प्राचार्या प्रो कुमारी इंदु सिन्हा के सेवानिवृत हो जाने के बाद कॉलेज शासी निकाय प्रबंध समिति द्वारा कनीय व्याख्याता प्रो मोहम्मद शमशाद खां को महाविद्यालय का प्रभारी प्राचार्य बना दिया गया है, जो न्याय संगत नहीं है. उन्होंने बताया है कि उनकी नियुक्ति कॉलेज में तर्क शास्त्र के प्रथम सृजित पद पर 12 नवंबर सन 1992 में हुई थी, जबकि विगत 28 फरवरी 2026 को कॉलेज का प्रभारी प्राचार्य बनाये गये उर्दू विभाग के व्याख्याता मोहम्मद शमशाद खां की नियुक्ति इस कॉलेज में 26 अगस्त सन 1994 को हुई थी. श्री झा ने आरोप लगाया है कि प्रभारी प्राचार्य बनाने के कार्य में कॉलेज प्रबंध समिति द्वारा वरीयता क्रम को दरकिनार किया गया है. उन्होंने इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी से हस्तक्षेप करने एवं कनीय व्याख्याता को प्रभारी प्राचार्य पद से विमुक्त कर वरीय व्याख्याता को इस कॉलेज का प्रभारी प्राचार्य बनाये जाने का अनुरोध किया है.