अष्टयाम् महायज्ञ को लेकर गाजेबाजे के साथ निकाली गयी भव्य कलश शोभायात्रा, फफौत पंचायत के चकवा गांव स्थित वार्ड 11 में कार्यक्रम आयोजित

खोदावन्दपुर,बेगूसराय। फफौत पंचायत के वार्ड 11 स्थित अंकित चुरा मिल चकवा परिसर में होने वाले अष्टयाम् महायज्ञ को लेकर शनिवार को गाजेबाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गयी. यह कलश शोभायात्रा गाजेबाजे के साथ कार्यक्रम स्थल से चलकर बरियारपुर पूर्वी, बरियारपुर पश्चिमी, महुआ टोल, नन्दीवन, पछियारी टोल के रास्ते नरहन के समीप बूढ़ी गंडक नदी के पुल घाट पहुंची, जहां विद्वान पंडित देवशंकर ठाकुर के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश में जल भरवाया गया. उसके बाद पुनः यह कलश शोभायात्रा रानी-साहिबा फफौत पुल से मुख्य सड़क होते हुए तारा चौक, सर्कल चौक से यज्ञ स्थल तक पहुंचकर संपन्न हो गयी. इस कलश शोभायात्रा में 151 नर-नारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. इसकी जानकारी देते हुए कार्यक्रम के आयोजक सह बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के नन्दीवन टोल निवासी राम विलास महतो ने बताया कि 07 मार्च की सुबह में गाजेबाजे के साथ कलश शोभायात्रा निकाली गयी और दोपहर में अष्टयाम् महायज्ञ का शुभारंभ प्रसिद्ध कलाकारों के द्वारा सीताराम राधेश्याम गौड़ीशंकर जय हनुमान की जयघोष से किया गया. उन्होंने बताया कि यह अष्टयाम यज्ञ रविवार को कलश विसर्जन के साथ संपन्न हो जायेगा. उन्होंने बताया कि 08 मार्च को प्रसिद्ध कलाकारों के द्वारा राम दरबार की भव्य झांकी भी निकाली जायेगी. कार्यक्रम के आयोजक ने इलाके के लोगों को इस अष्टयाम् महायज्ञ में शामिल होने और पुण्य का भागीदार बनने की अपिल की. उन्होंने बताया कि 24 घंटे यज्ञ में शामिल व्रतियों का फलहार एवं भंडारा का भी व्यवस्था किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को अलग से किसी भी सामग्रियों की व्यवस्था नहीं करना पड़े. इस मौके पर मेघौल गांव के पंडित देव शंकर ठाकुर ने बताया कि अष्टयाम् यज्ञ के दौरान 24 घंटा का अखंड पूजन, जाप, हवन, संकीर्तन श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन किया जायेगा. इस पुनीत कार्य से समस्त भक्तजनों का सकल मनोरथ सिद्ध होता ही है. उन्होंने बताया कि यज्ञ में भाग लेने से लोगों के पूर्वकृत मनसा, बाचा, कर्मणा पापों का नाश हो जाता है. साथ ही  अच्छे फल की प्राप्ति भी होती है. उन्होंने बताया कि अष्टयाम यज्ञ से अधर्म का नाश होता है, जहां धर्म होगा, वहां धन होगा. वहीं मौक्ष भी होगा. वहीं कामना की सिद्धि भी होगी. पंडित श्री ठाकुर ने बताया कि वर्तमान समय में जो विश्व में युद्ध छिड़ा हुआ है, उसकी शांति की कामना से यज्ञ किया जा रहा है. इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महंत सुखराम शरण, रामायण पाठी राम चरित्र महतो, मुख्य यजमान राम गुलजार महतो, राम कैलाश महतो, उमेश महतो, बिहारी जयंत, रामबालक महतो, महेन्द्र महतो सहित अनेक ग्रामीणों ने अपनी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं.