राजेश कुमार,खोदावंदपुर/बेगूसराय। छौड़ाही थाना क्षेत्र के नारायणपीपड़- परोड़ा पथ पर सोइन पुल के समीप गरही बहियार में हनुमान मंदिर के निकट शुक्रवार की रात एक 25 वर्षीय युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी. मृतक की पहचान चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के कुम्भी गांव के वार्ड तीन निवासी उमाशंकर महतो के 25 वर्षीय लालबाबू कुमार के रूप में की गयी है. घटना को लेकर जहां पुलिस इसे संदिग्ध सड़क हादसा मानकर जांच में जुटी है. वहीं मृतक के परिजनों ने हत्या कर शव को फेंक देने का गंभीर आरोप लगाया है.
पत्नी और मासूम बच्चों को छोड़ लौट रहा था घर:-
परिजनों के अनुसार लालबाबू कुमार अपनी पत्नी वंदना कुमारी और तीन छोटे बच्चों को समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना अंतर्गत गोरियारी स्थित ससुराल में छोड़कर बाइक से अपने घर लौट रहा था. लौटते समय ही छौड़ाही थाना क्षेत्र में यह दर्दनाक घटना घटित हुई है. मृतक अपने परिवार का मुख्य सहारा था. उसकी पत्नी वंदना कुमारी के अलावा मां पुनीता देवी, दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं. लालबाबू तीन भाइयों में मंझला था. परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर थी.
अंतिम बातचीत के बाद मोबाइल हुआ स्वीच ऑफ:-
परिजनों ने बताया कि मृतक से शुक्रवार की शाम करीब छह बजे अंतिम बार बातचीत हुई थी. उस दौरान उसने सुरक्षित घर लौटने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल फोन लगातार स्वीच ऑफ बताने लगा. देर रात तक जब वह घर नहीं पहुंचा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गयी. शनिवार की सुबह सोइन पुल के समीप गरही बहियार में हनुमान मंदिर के निकट एक युवक का शव मिलने की सूचना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.
वारदात स्थल पर पहुंची पुलिस, एफएसएल टीम ने जुटाये साक्ष्य:-
घटना की सूचना मिलते ही मंझौल एसडीपीओ नवीन कुमार, छौड़ाही थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार और पुअनि शैलेन्द्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने मृतक की बाइक और मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है. साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी बुलाया गया. एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य और सैंपल एकत्र किये हैं, जिससे मामले की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है. इधर छौड़ाही पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पायेगा.
परिजनों का आरोप पहले हत्या, फिर हादसे का रूप देने की कोशिश:-
मृतक के परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि सुनियोजित हत्या है. उनका आरोप है कि लालबाबू की पहले कहीं और हत्या की गयी और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को पुल के पास फेंक दिया गया, ताकि इसे सड़क हादसा बताया जा सके. परिजनों का तर्क है कि बाइक की स्थिति और शव की हालत संदेह पैदा करती है. शरीर पर कुछ चोटों के निशान सामान्य दुर्घटना से मेल नहीं खाते, मोबाइल फोन का अचानक बंद होना भी कई सवाल खड़े करता है. परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है.
गांव में पसरा मातम, मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल:-
घटना की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे कुम्भी वार्ड में शोक की लहर दौड़ गयी. मृतक की मां पुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. पत्नी वंदना कुमारी अपने तीन मासूम बच्चों को गोद में लेकर बेसुध नजर आयी. गांव वालों का कहना है कि लालबाबू मिलनसार और मेहनती युवक था. किसी से उसकी दुश्मनी की बात सामने नहीं आयी है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गयी है.
पुलिस जांच के कई एंगल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा:-
पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच पड़ताल कर रही है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह सड़क दुर्घटना है या हत्या. घटना के समय मृतक किस रास्ते से गुजर रहा था. अंतिम कॉल और मोबाइल लोकेशन का विवरण को भी खंगाला जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर एंगल से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा.
इस मामले में छौड़ाही थानाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने बताया कि परिजनों के मुताबिक मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि यह दुर्घटना है या हत्या. ऐसे पुलिस हर बिंदु पर गंभीरता से जांच पड़ताल कर रही है.
*तीन मासूमों का छिन गया सहारा* *सोइन पुल हनुमान मंदिर के पास मिली लालबाबू की लाश* मां बेसुध, पत्नी की सूनी गोद और बच्चों की बुझती आंखें*
खोदावन्दपुर। शुक्रवार की वह शाम शायद किसी को यह आभास नहीं करा रही थी कि एक हंसता-खेलता परिवार रातों-रात उजड़ जायेगा. चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के कुम्भी गांव के वार्ड तीन निवासी लालबाबू कुमार जब अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल छोड़कर बाइक से घर लौटे थे, तब किसे पता था कि यह उनकी अंतिम यात्रा साबित होगी. छौड़ाही थाना क्षेत्र के नारायणपीपड़-परोड़ा पथ के बीच में सोइन पुल हनुमान मंदिर के समीप शनिवार की सुबह लालबाबू का शव मिलने की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में चीत्कार और सन्नाटा एक साथ पसर गया.
मां की गोद उजड़ी, पत्नी का सुहाग छिना:-
लालबाबू की मां पुनीता देवी अपने मंझले बेटे की मौत की खबर सुनते ही जमीन पर गिर पड़ीं. कभी अपने बेटे के सिर पर हाथ फेरने वाली मां आज उसी बेटे की ठंडी देह से लिपटकर बार-बार यही पूछती रही कुदरत ने क्या कर दिया. पत्नी वंदना कुमारी की हालत और भी दयनीय है. कुछ ही महीने पहले जिस घर में किलकारियां गूंजी थीं. वहां अब सिर्फ रोने-बिलखने की आवाजें हैं. वंदना की गोद में तीन मासूम हैं. पांच साल की सुप्रिया भारती, तीन माह की दिव्यांशु कुमारी और दो वर्ष का बेटा दिव्यम कुमार. तीन माह की दिव्यांशु को शायद यह भी पता नहीं कि उसके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है. शव घर पहुंचते ही सबसे मार्मिक दृश्य तब देखने को मिला, जब मासुम बच्चों को शायद अपने पापा के नहीं होने का एहसास तक नहीं था.
अंतिम बातचीत और टूटता भरोसा, मेहनत कर चालाता था परिवार:-
परिजनों के अनुसार लालबाबू से शुक्रवार की शाम करीब छह बजे अंतिम बार बात हुई थी. उसने कहा था कि वह बच्चों को छोड़कर निकल चुका है और जल्दी घर पहुंच जायेगा. इसके बाद अचानक उसका मोबाइल फोन स्वीच ऑफ हो गया. पूरी रात परिवार इंतजार करता रहा. मां दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठी रहीं. पत्नी बार-बार फोन मिलाती रही, लेकिन सुबह जो खबर आयी. उसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया.परिजनों के मुताबिक लालबाबू अपने तीन भाइयों में मंझला था. घर की आर्थिक जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी. गांव के लोग बताते हैं कि वह मेहनती, शांत और परिवार के लिए जीने वाला युवक था.