खोदावंदपुर,बेगूसराय। आम की फसलों का बेहतर उत्पादन के लिए पुष्पन का कीट व्याधि से रक्षा एवं उनकी समुचित देखभाल आवश्यक है. इसकी जानकारी देते हुए कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर, बेगूसराय के विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ एस एन पाटिल ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि आम के फसलों में पुष्पन (flowering) अवस्था के दौरान फुदका कीट (मैंगो हॉपर), थ्रिप्स, दहिया कीट, कली/फूल भेदक, माइट्स आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कीट हैं. ये कीट फूलों, पुष्पगुच्छों और कोमल भागों से रस चूसते हैं, जिससे परागण प्रक्रिया बाधित होती है, फूल झड़ते हैं और फल लगाव में भारी कमी आती है. वैज्ञानिक अध्ययनों से सिद्ध हुआ है कि यदि इन कीटों को पूर्व-फूल अवस्था में आर्थिक क्षति स्तर (ETL) से नीचे नियंत्रित कर लिया जाए, तो पुष्पन अवस्था में इनका प्रकोप काफी हद तक कम किया जा सकता है.
इसी अवधि में चूर्णी फफूंद (पाउडरी मिल्ड्यू), एन्थ्रेक्नोज, सूटी मोल्ड एवं पत्ती धब्बा रोग आम की उत्पादकता को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं. पाउडरी मिल्ड्यू से फूलों एवं नवपल्लवों पर सफेद कवकीय परत जम जाती है, जिससे फूल सूखकर गिर जाते हैं. एन्थ्रेक्नोज एवं पत्ती धब्बा रोग के कारण फूलों व फलों पर काले धब्बे बनते हैं, जिससे फल झड़ाव, आकार में कमी और बाजार गुणवत्ता में गिरावट आती है. सूटी मोल्ड पत्तियों पर काली परत बनाकर प्रकाश संश्लेषण को बाधित करता है, जिससे वृक्ष कमजोर हो जाता है. शोध के अनुसार, समय पर प्रबंधन न होने पर उपज में 30–60 प्रतिशत तक कमी संभव है.
अनुशंसित कीटनाशक + फफूंदनाशक संयुक्त छिड़काव
पूर्व- फूल अवस्था थायमेथोक्साम 25% WG (0.25 ग्राम/लीटर) + वेटेबल सल्फर 80 WP (3.0 ग्राम/लीटर)
या इमिडाक्लोप्रिड 17.8% SL (0.3 मि.ली./लीटर) + वेटेबल सल्फर 80 WP (3.0 ग्राम/लीटर)
या लैम्ब्डा-सायहेलोथ्रिन 5 EC (1.0 मि.ली./लीटर) + वेटेबल सल्फर 80 WP (3.0 ग्राम/लीटर)
या एसेफेट 75 SP (1.0 ग्राम/लीटर) + वेटेबल सल्फर 80 WP (3.0 ग्राम/लीटर) पुष्पगुच्छ प्रारंभ एवं फूल खुलने की अवस्था डेल्टामेथ्रिन 2.8 EC (1.0 मि.ली./लीटर) + हेक्साकोनाजोल 5 EC (1.0 मि.ली./लीटर)
या बुप्रोफेजिन 25 EC (1.0 मि.ली./लीटर) + थायोफेनेट मिथाइल 70 WP (1.0 ग्राम/लीटर) या अजाडिरैक्टिन 10,000 पीपीएम (1%) (1.0 मि.ली./लीटर) + डाइफेनोकोनाजोल 25 EC (0.5 मि.ली./लीटर)
आवश्यकतानुसार अनुवर्ती छिड़काव इंडोक्साकार्ब 14.8 SC (1.0 मि.ली./लीटर) + डाइथेन एम-45 (2.5 ग्राम/लीटर) या टोल्फेनपाइराड 15 EC (1.0 मि.ली./लीटर) + कार्बेन्डाजिम 12% + मैंकोजेब 63% WP (2.0 ग्राम/लीटर)
महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सावधानियाँ:-
फूल आने एवं परागण के समय किसी भी प्रकार का कीटनाशक या दवा का छिड़काव न करें, ताकि परागण करने वाले कीट सुरक्षित रहें. परागण अवधि में सिंचाई न करें। फल मटर या गोली आकार के होने पर ही आवश्यकतानुसार 2–3 हल्की सिंचाई करें. फल झड़ाव रोकने हेतु Planofix (NAA) 2 मि.ली. को 4.5 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. छोटे फल अवस्था में IIHR द्वारा अनुशंसित “मैंगो स्पेशल” 50 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें. सिंथेटिक पाइरेथ्रॉइड कीटनाशकों का उपयोग न करें.
इन वैज्ञानिक एवं अनुसंधान-आधारित अनुशंसाओं को अपनाने से फल झड़ाव में कमी, उपज में वृद्धि तथा बेहतर गुणवत्ता वाले आम प्राप्त किए जा सकते हैं.