स्वच्छता पखवाड़ा सह राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की मनायी गयी जयंती

खोदावंदपुर/बेगूसराय। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम के तहत सोमवार को अखिल भारतीय संस्कृत हिन्दी विद्यापीठ खम्हार, बेगूसराय में स्वच्छता पखवाड़ा सह राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनायी गयी. आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार आजाद ने कहा कि स्वच्छता मानव जीवन का अभिन्न अंग है. स्वच्छता अभियान में भाग लेकर स्वच्छ समाज का निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर जी आधुनिक युग के हिंदी के लेखक, निबंधकार तथा वीररस कवि के रूप में स्थापित हैं. राष्ट्र निर्माण में दिनकर जी का मुख्य योगदान है. वहीं वर्सर ओम प्रिय ने कहा कि क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो, उसको क्या जो दंतहीन विषहीन विनीत सरल हो, दिनकर जी कि उक्त पंक्तियां कहते हुए साफ-सफाई पर विस्तार से चर्चा की. इस मौके पर हिंदी के सहायक प्राध्यापक डॉ ललन कुमार ने कहा कि याचना नहीं अब रण होगा जीवन जय या कि मरण होगा, कहते हुए ओजस्वी दिनकर जी कि रचना को याद किये. वहीं राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ विनय कुमार चौधरी ने कहा कि दिनकर जी साहित्याकाश के सूर्य थे तथा कम उम्र में ही काल कवलित हो गये. कार्यक्रम में कनीय लिपिक त्रिपुरारी झा, मीरा कुमारी, छात्र हर्ष कुमार, श्रीओम कुमार, हरि ओम कुमार, कृष्ण कुमार तथा ग्रामीण स्वयंसेवक मौजूद थे. कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण से हुआ एवं समापन राष्ट्रगान से किया गया.