खोदावंदपुर/बेगूसराय। बरियारपुर पश्चिमी गांव के ग्रामीण चिकित्सक का इलाज के दौरान मौत शनिवार की देर शाम बेगूसराय के एक नीजी क्लिनिक में हो गया. मौत की खबर सुनते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया. मृतक बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड 13 स्थित महुआ टोल निवासी 55 वर्षीय डॉ मुकेश कुमार उर्फ राम जतन महतो हैं. वे ग्रामीण चिकित्सक के अलावे शशिकृष्णा महाविद्यालय थतिया, रोसड़ा के लिपिक भी थे. उनके मौत की खबर सुनते ही दर्जनों सामाजिक व राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी. मिली जानकारी के अनुसार लगभग दस दिन पूर्व डॉ मुकेश कुमार अपना दांत उखड़वाये थे, इसी के कारण उनके मुंह में काफी सुजन हो गया था. वे अपना इलाज पटना से भी करवा रहे थे. इसी बीच शनिवार को उनकी अचानक तबीयत काफी बिगड़ गयी और परिजनों ने उन्हें इलाज के दौरान बेगूसराय के एक नीजी क्लिनिक में भर्ती कराया, जहां 21 सितंबर की देर शाम इलाज के दौरान ही उसने अपना दम तोड़ दी. मृतक ग्रामीण चिकित्सक डॉ मुकेश कुमार की धर्मपत्नी उषा देवी बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड दस स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र संख्या 37 पर सहायिका पद पर कार्यरत है. तथा उनके जेष्ठ पुत्र विवेक कुमार रेलवे ग्रुप डी में कार्यरत है. वे अपने पीछे पत्नी उषा देवी, पुत्र विवेक कुमार, टुनटुन कुमार, गंगा कुमार एवं पुत्री रुबी कुमारी को छोड़कर स्वर्ग सिधार हो गये. मृतक ग्रामीण चिकित्सक सरल स्वभाव व मिलनसार प्रवृत्ति के थे. उनके आकस्मिक निधन पर पंंचायत के प्रभारी मुखिया राकेश रामचंद महतो, सरपंच नवीन प्रसाद यादव, उपसरपंच दिनेश चौधरी, डॉ शुभम कुमार, समाजसेवी राम गुलजार महतो, राजेश कुमार, राम शंकर महतो, शिवजी महतो, कैलाश महतो, पंचू महतो, अर्जुन कुमार, गोपालजी लाल, जयकुमार महतो, रामचरित महतो, रविन्द्र कुमार, शंभू कुमार, हीरो महतो सहित अनेक लोगों ने अपना शोक संवेदना जतायी है. उनका अंतिम दाह संस्कार रविवार को बूढ़ीगंडक नदी के रामघाट स्थित समशान घाट में किया गया.