बेगूसराय। शनिवार को विकसित भारत के तहत ऑनलाइन के माध्यम से सेक्सुल हरसामेंट विषय पर वेबिनार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम अखिल भारतीय संस्कृत हिन्दी विद्यापीठ खम्हार के प्रधानाचार्य डॉ अशोक कुमार आजाद के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक व छात्र छात्राओं ने भाग लिया. वहीं एन एस एस संयोजन में किसान दिवस का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानाचार्य डॉ अशोक कुमार आजाद ने अपने संबोधन में किसान जीवन और उसकी उपदेयता पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि वो किसान के पुत्र हैं और किसान जीवन से अवगत हैं, उन्होंने अपने पिता क्व रूप में ही हर किसान को पाया. इस मौके पर वर्सर ओम प्रिय ने कहा कि किसान अन्न दाता हैं, वे ईश्वर सादृश्य हैं. वहीं डॉ ललन कुमार ने कहा कि किसान ही ऐसा जीवन है, जो जीवन से हारता नहीं है. वो डिप्रेशन में नहीं जाता है, वो प्रकृति के साथ हैं. वर्तमान समय की भौतिकता भी उसे दयाशून्य नहीं कर सका है, वो जीवन दाता है. एन एस एस के संयोजक डॉ विनय कुमार चौधरी ने कहा कि किसान का कार्य 24 घंटे का है. बिना छुट्टी लिए वो हर दिन काम करते रहते हैं. वह प्रकृति पुत्र हैं.