खोदावंदपुर/बेगूसराय। जीवन में सफलता पाने के लिए बड़े सपने देखकर उसे साकार करने के लिए ईमानदारी पूर्वक प्रयासरत रहें.अभाव सफलता के आरे नहीं आ सकता.दृढ इच्छाशक्ति के साथ सफलता की राह में अभाव बाधक नहीं होता है.श्रद्धा और लगन से मंजिल पाया जा सकता है.उपर्युक्त बातें आईआईटी मुंबई के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर डॉ दशरथ प्रसाद सिंह ने शनिवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय दौलतपुर नवटोलिया में आयोजित 'कैसे करें सपनों को साकार' विषयक उत्प्रेरण सत्र के दौरान बच्चों से कही. उन्होंने कहा कि लक्ष्य को तय कर ईमानदारी पूर्वक प्रयासरत रहने से सपने साकार होते हैं. अपनी जीवनी से बच्चों को अवगत कराते हुए उन्होंने कहा कि मैंने भी अभावग्रस्त जीवन के साथ अपनी पढ़ाई शुरू की, पर अपने लगन और मेहनत के बूते जो कुछ भी हूं, आपके सामने हूं.डॉ सिंह ने आठवीं वर्ग के छात्रों को गणित विषय के सूत्रों से अवगत कराते हुए गणित में महारत हासिल करने की तकनीक बतायी. उन्होंने कहा कि सही मायने में यह विद्यालय राष्ट्र निर्माण का मंदिर है. यहां दृढ़संकल्प के साथ साधना करने से सपने साकार होंगे. इस मौके पर शिक्षा प्रेमी अरविंद कुमार, सुशील कुमार सहित अनेक लोगों ने अपनी बातें कही. आयोजित कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी एचएम मोहम्मद अब्दुल्लाह ने किया. मौके पर शिक्षक मोती कुमारी, नाफे कौनैन सहित अनेक छात्र छात्राएं व अभिभावक मौजूद थे.