खोदावंदपुर/बेगूसराय। बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार से आशा कार्यकर्ताओं एवं आशा फैसिलिटेटर ने अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रखी.इसकी जानकारी देते हुए संघ के प्रखंड मंत्री रेणु कुमारी ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष का बकाया एक हजार रुपये मानदेय देने, पारितोषिक नहीं मासिक मानदेय देने, न्यूनतम मानदेय कम से कम दस हजार रुपये महिना करने, आशा को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, फैसिलिटेटर को 20 नहीं 30 दिन का भत्ता देने, भ्रमण भुगतान पांच सौ रुपये प्रतिदिन का भुगतान करने, कोविड-19 में किए गए कार्यों का भत्ता देने, आशा कार्यकर्ता को सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन देने, कार्यकाल के दौरान मृत्यु होने पर राज्य सरकार की ओर से चार लाख रुपये सुरक्षा बीमा देने सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल चल रही है.
वहीं आशा संघ के प्रखंड अध्यक्ष नीलम कुमारी ने बताया कि गत 12 जुलाई से ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खोदावन्दपुर के सभी आशा कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटी हुई है. उन्होंने बताया कि इस अवधि में किसी भी तरह की आशा से संबंधित कार्य में व्यवधान आता है तो इसकी सारी जवाबदेही अस्पताल एवं प्रबंधन की होगी. इस मौके पर आशा फैसिलिटेटर अविनिशा कुमारी ने बताया कि सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग आशा कर्मियों के साथ भेदभाव कर रही है, मांगें पूरी होने तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि संघ के द्वारा अपनी नौ सूत्री मांग- पत्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार को सौंप दिया गया है.
वहीं सीएचसी प्रभारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं की मांग पत्र वरीय अधिकारियों को भेज दिया जाएगा. तथा उन्होंने सभी हड़ताल पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं अपना काम बाधित कर दूसरे काम में व्यवधान नहीं पहुंचाने की बात कहीं.
अनिश्चित कालीन हड़ताल पर संघ की कोषाध्यक्ष पवन कुमारी, आशा फैसिलिटेटर सुनीता कुमारी, आशा कार्यकर्ता क्रांति कुमारी, बेबी कुमारी, रंजू कुमारी, आशा कुमारी, निशा कुमारी, बबीता कुमारी, नीलम कुमारी सहित क्षेत्र की सभी आशा कार्यकर्ता शामिल थी.