खोदावंदपुर: योग सुखद जीवन जीने की सिखाती है कला- बीईओ, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय दौलतपुर नवटोलिया में कार्यक्रम आयोजित

खोदावंदपुर/बेगूसराय। योग को जीवन में अपनाकर दैनिक चर्या में शामिल कर निरोग रहा जा सकता है. योग हमें सुखद जीवन जीने की कला सिखाती है. यह बातें बीईओ दानी राय ने नौवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बुधवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय दौलतपुर नवटोलिया में कही. उन्होंने कहा कि नियमित योग को अपना कर रोगमुक्त जीवन की आधारशिला रखी जा सकती है. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर बच्चों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक प्रणव कुमार सैनी ने अनुलोम विलोम, कपालभाति, सूर्य नमस्कार, भत्रिका, नव कासन आदि योग कराया. प्रशिक्षक ने कहा कि योग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. उन्होंने बताया कि कपालभाति करने से गैस की समस्या दूर होती है तथा निकला हुआ पेट अंदर चला जाता है.अनुलोम विलोम करने से श्वास संबंधित सारी बीमारियां जैसे दम फूलना, सर्दी खांसी एवं अन्य बीमारी कोसों दूर रहती हैं. प्राणायाम करने से कोरोना जैसी बीमारी से हम बच सकते हैं.उन्होंने कहा कि योग हमें शांति के साथ चतुर्दिक विकास में सहयोग करता है. इस अवसर पर योग प्रशिक्षक ने प्रणायाम जैसे कपालभाती, अनुलोम-विलोम, बाहय प्रणाम, उज्जायी प्रणाम, मंडूकासन, शशकासन, व्रकासन, हलासन सहित अनेक प्रकार के योग पर विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यक्रम में शामिल बच्चों व स्थानीय लोगों को योगाभ्यास कराया.उन्होंने बताया कि योग के माध्यम से कई असाध्य रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. वहीं प्रभारी एचएम मोहम्मद अब्दुल्लाह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योगाभ्यास कार्यशाला तो महज जागरूकता पैदा करने तथा सीख देने के लिए है. नित्य दिन योग करेंगे, तभी इसका फायदा उठा सकते हैं. उन्होंने बताया कि योग करने से मनुष्य का शरीर शांत एवं एकाग्रचित होता है.योग मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करता है. इस योग दिवस का थीम "वसुधैव कुटुंबकम" तथा टैगलाइन हर आंगन योग विषय पर विद्यालय के बच्चों ने कविता लेखन, क्विज सहित अन्य गतिविधियों में भाग लिया. मौके पर मोहिबुल हसन, पंकज कुमार सहित अनेक लोग मौजूद थे.