खोदावंदपुर/बेगूसराय: प्रखंड क्षेत्र के बरियारपुर पूर्वी पंचायत के वार्ड नंबर- 5 निवासी एवं प्राथमिक विद्यालय बरियारपुर पूर्वी ठाकुरबाड़ी टोल में कार्यरत 40 वर्षीय रसोइया रिंकू देवी का निधन रविवार की देर शाम हो गया. उनके असामयिक निधन से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गयी है. प्राप्त जानकारी के अनुसार रिंकू देवी पिछले करीब दो वर्षों से विद्यालय में रसोइया के रूप में कार्यरत थीं. बीते माह वह महिला विद्यालय में भोजन बना रही थीं, इसी दौरान बर्तन उठाने के क्रम में अचानक गिर गयी, जिससे उन्हें गंभीर चोट लग गयी. परिजनों द्वारा तत्काल उन्हें स्थानीय निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बेगूसराय रेफर कर दिया. परिजनों ने उनका इलाज बेगूसराय के साथ-साथ दरभंगा एवं पटना में भी कराया, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. अंततः चिकित्सकों के परामर्श पर उन्हें घर लाया गया, जहां 22 मार्च की देर शाम उसने अपना दम तोड़ दी. मृतका के निधन से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. उनकी मां एवं पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. मृतका अपने पीछे छह पुत्रियां- सरिता कुमारी, नीतू कुमारी, बेबी कुमारी, अनिता कुमारी, राधा कुमारी, पुष्पा कुमारी एवं एक पुत्र कौशल कुमार को छोड़ गयी हैं. इनमें से दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है, जबकि चार पुत्रियां और एकमात्र पुत्र अविवाहित हैं. 23 मार्च को स्थानीय बूढ़ी गंडक नदी के रामघाट स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया. बताया जाता है कि मृतका का परिवार अत्यंत ही गरीब है और मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करती थी. उनके पति संजय कुमार शर्मा कारपेंटर का काम करते हैं. पत्नी की मौत से वे गहरे सदमे में हैं और बार-बार यही कह रहे हैं कि अब उनके बच्चों की देखभाल कौन करेगा. वहीं दूसरी ओर ग्रामीण बाबू प्रसाद पासवान, आलोक वर्मा, प्रेमचंद शर्मा, रामभरोस महतो, अर्जुन पासवान, चंदन कुमार, अमित कुमार शर्मा, रंजीत सहनी एवं रीना देवी समेत अन्य ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उनका समुचित इलाज नहीं हो सका. घटना की पुष्टि वार्ड सदस्य द्रोपदी देवी ने की है.
वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी रिंकू देवी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है.