स्ट्रॉबेरी उत्पादन तकनीक पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का हुआ समापन, कृषि विज्ञान केन्द्र खोदावन्दपुर में किसानों को दिया गया प्रशिक्षण

खोदावंदपुर,बेगूसराय। स्ट्रॉबेरी उत्पादन तकनीक पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन शनिवार को किया गया. कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर में हुए इस कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रतिभागी किसानों को चांदपुरा गाँव स्थित प्रगतिशील स्ट्रॉबेरी उत्पादक के खेत पर ले जाकर क्षेत्र भ्रमण करवाया गया, जहाँ प्रदान से जुड़े विषय वस्तु विशेषज्ञ द्वारा किसानों को स्ट्रॉबेरी की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक खेती की पूरी प्रक्रिया बतायी गयी. किसानों ने इस प्रक्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली पौध चयन, बेड निर्माण, प्लास्टिक मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, संतुलित पोषण प्रबंधन, फूल एवं फल विकास के दौरान देखभाल, रोग-कीट प्रबंधन तथा तुड़ाई एवं ग्रेडिंग के महत्वपूर्ण पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया. किसानों ने खेत में चल रही स्ट्रॉबेरी फसल को देखकर उत्पादन लागत, उपज संभावनाओं तथा बाजार अवसरों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की. इस मौके पर कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि यदि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जाए तो स्ट्रॉबेरी खेती किसानों के लिए लाभकारी उद्यम बन सकती है.
प्रशिक्षण में गढ़पुरा प्रखंड से कुमारी पूर्णिमा भारती एवं रणविजय राय, चेरिया बरियारपुर प्रखंड से पवन कुमार एवं निशा कुमारी, डंडारी प्रखंड से विजय तांती, शाम्हो प्रखंड से राकेश कुमार रंजन, साहेबपुर कमाल प्रखंड से बुलबुल यादव सहित विभिन्न प्रखंडों के किसानों ने सक्रिय सहभागिता निभायी. प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गयी तकनीकों को अपने खेतों में अपनाने तथा आय वृद्धि के नए अवसर तलाशने की इच्छा व्यक्त की. इस एक्सपोजर विजिट के साथ तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलता पूर्वक समापन किया गया. किसानों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताते हुए क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी खेती के विस्तार की संभावनाओं पर उत्साह व्यक्त किया.