भूमि विवाद निपटारा एवं वंशावली बनवाने के कार्य में सरपंच का सहयोग जरूरी: सीओ

खोदावंदपुर,बेगूसराय। अधिकारियों को अब वंशावली बनवाने एवं भूमि विवाद के निपटारे में सरपंच का सहयोग लेना होगा. इतना ही नहीं प्रत्येक शनिवार को अंचल कार्यालय में लगने वाले जनता दरबार में भी सरपंच को उपस्थित रहना होगा. सीओ, बीपीआरओ एवं सरपंचों के साथ पिछले दिनों हुईं बैठक में जिलाधिकारी ने इस आशय का निर्देश जारी किया है. डीएम के इस आदेश के आलोक में बुधवार को अंचल कार्यालय खोदावन्दपुर में अंचल अधिकारी प्रीति कुमारी, राजस्व अधिकारी दीपक कुमार सिंह, बीपीआरओ संदीप कुमार एवं सभी सरपंच के साथ हुई बैठक में इसके लिए कार्य रणनीति बनायी गयी. सीओ ने बताया कि वंशावली बनवाने में सिर्फ पंचायत सचिव व सरपंच के हस्ताक्षर की जरूरत है. इस कार्य में किसी मुखिया, चौकीदार, पंच, वार्ड सदस्य व गवाह के हस्ताक्षर की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि आपसी सहमति से सिडूल बटवारा अब ग्राम कचहरी से भी करवाया जा सकेगा. अगर कोई बेटी अपना हिस्सा नहीं लेना चाहती है तो उसके लिए एक एनओसी ग्राम कचहरी एवं अंचलाधिकारी को देना होगा. सीओ ने बताया कि पंचायती राज विभाग के द्वारा भी ग्राम कचहरी को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिसका मॉनिटरिंग बीपीआरओ के द्वारा किया जायेगा. ग्राम कचहरी का कार्य न्यायालय की तरह होता है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को ग्राम कचहरी लगाया जायेगा. उन्होंने बताया कि पहले जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में विलंब होता था, लेकिन अब यह कार्य आसान हो गया है. अब जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र जल्द ही बन जायेगा. इस बैठक में मेघौल ग्राम कचहरी की सरपंच उषा कुमारी, बरियारपुर पूर्वी ग्राम कचहरी के सरपंच नैय्यर आलम, बरियारपुर पश्चिमी ग्राम कचहरी के सरपंच नवीन प्रसाद यादव, दौलतपुर ग्राम कचहरी के सरपंच भोला पासवान, खोदावंदपुर ग्राम कचहरी के सरपंच प्रतिनिधि धर्मेद्र कुमार समेत अन्य मौजूद थे.