जिलाधिकारी ने खोदावंदपुर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ की सरकार के 7 निश्चय पार्ट 3 योजनाओं की समीक्षा

खोदावंदपुर,बेगूसराय। बेगूसराय के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने शनिवार को खोदावंदपुर में अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सरकार के 7 निश्चय पार्ट 3 योजनाओं की समीक्षा की. प्रखंड मुख्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में हुई बैठक में डीएम ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया. इस मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रखंड मुख्यालय में वर्षों से जर्जर सरकारी आवासों को ध्वस्त करवाकर नया भवन बनवाये जाने की मांग की. पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रखंड मुख्यालय मैदान को प्रस्तावित खेल स्टेडियम निर्माण कार्य में तेजी लाए जाने एवं इस मैदान में मिट्टी भराई करवाए जाने की मांग की. बताते चलें कि बिहार सरकार के प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी करीब 12:15 बजे खोदावंदपुर पहुंचे, जहां प्रखंड प्रमुख संजू देवी ने बुके भेंटकर डीएम का भव्य स्वागत किया. बैठक से पूर्व डीएम ने खोदावंदपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपना श्रद्धा सुमन अर्पित किया. बैठक में सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार, डीपीआरओ, डिप्टी कलेक्टर, मंझौल एसडीएम प्रमोद कुमार, सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी सरोज कुमार, बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा, अंचल अधिकारी प्रीति कुमारी, बीपीआरओ संदीप कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी रश्मि कुमारी, प्रभारी सीडीपीओ नीतेश कुमार, विधुत कनीय अभियंता पवन कुमार, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी दीपू कुमार, सीएचसी प्रभारी डॉ अनिल प्रसाद, बीसीओ शैलेश कुमार, राजस्व अधिकारी दीपक कुमार सिंह के अलावे विभिन्न विभागों के अधिकारी, सभी पंचायतों के मुखिया एवं पंचायत समिति सदस्य मौजूद थे. इस बैठक से मीडिया कर्मियों को अलग रखा गया.
जिलाधिकारी से मिलने आए लोगों को हुई निराशा-
जिलाधिकारी से अपनी समस्या साझा करने आए लोगों को निराशा हाथ लगी. धान नहीं बिकने से परेशान किसान अपनी बात रखने आए थे, जिन्हें डीएम ने समय नहीं दिया. कबीर अंत्येष्टि योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, राजस्व महाभियान आदि से जुड़ी समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखने दूर-दूर से आये क्षेत्र के अनेक लोगों को निराशा हाथ लगी. डीएम के द्वारा किसी आम लोगों को अपना समय नहीं देने पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे तानाशाही रवैया बताया है. प्रखंड राजद अध्यक्ष जियाउर रहमान उर्फ सैफी, माले नेता अवधेश कुमार, सीपीआई नेता अरुण कुमार, चन्द्रदेव सहनी समेत अन्य ने डीएम के इस कार्यक्रम को महज खानापूर्ति बताया है. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा चलाया जा रहा प्रशासन गांव की ओर जैसा महत्वपूर्ण कार्यक्रम का महज खानापूर्ति किया जा रहा है. इन लोगों ने आरोप लगाया है कि इतिहास में पहली बार बेगूसराय के किसी जिलाधिकारी ने खोदावंदपुर में आम जनता की कोई सुधि नहीं ली है. खोदावंदपुर में जल निकासी, नल जल योजना जैसी महत्वपूर्ण समस्या का निदान करना तो दूर की बात है, डीएम ने इस संदर्भ में कोई जानकारी लेना भी मुनासिब नहीं समझें. मीडिया को इस महत्वपूर्ण बैठक से अलग रखे जाने पर भी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जतायी है.