प्रधानमंत्री का लाइव प्रसारण को सुनने के लिए जुटें किसानों की भीड़, खोदावंदपुर कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यक्रम की गयी आयोजित*

खोदावंदपुर,बेगूसराय। कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी करने के राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आयोजित किया गया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशभर के लगभग 9.5 करोड़ से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से करीब 18,000 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की. कार्यक्रम में केविके के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ रामपाल ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय दोगुनी करना, कृषि उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक तकनीक का प्रसार करना तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है. पीएम-किसान जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं. वहीं केंद्र के वैज्ञानिक डॉ विपिन कुमार ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों एवं लाभों पर प्रकाश डाला. उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने, देशी गाय के गोबर-गोमूत्र आधारित जैविक घोल जैसे बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत आदि के उपयोग की विधि बतायी. डॉ विपिन ने प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है. इस मौके पर केविके के वैज्ञानिक डॉ एन एन पाटील ने सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर विस्तृत व्याख्यान दिया. उन्होंने नर्सरी प्रबंधन, उन्नत किस्मों का चयन, पौध संरक्षण, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तथा कीट-रोग प्रबंधन की आधुनिक विधियों की जानकारी दी. साथ ही मौसमी एवं ऑफ-सीजन सब्जियों की खेती से अधिक मुनाफा कमाने के व्यावहारिक तरीके भी बताये. किसानों ने पीएम-किसान योजना, आधार-पंजीकरण, प्राकृतिक खेती तथा सब्जी उत्पादन संबंधी अपनी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं पर वैज्ञानिकों से सवाल किये, जिनका वैज्ञानिकों ने तत्काल समाधान किया. कृषि विज्ञान केंद्र खोदावंदपुर, बेगूसराय के इस आयोजन ने न केवल किसानों को आर्थिक लाभ की जानकारी दी, बल्कि उन्हें टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की दिशा में प्रेरित भी किया. कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आये लगभग 300 किसान उपस्थित रहे.