खोदावंदपुर,बेगूसराय। बिहार की एक ऐसी शख्सियत है, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लंबे समय से लड़ाई लड़नें में जुटे हुए हैं. राजेश कुमार सुमन, जिन्हें ऑक्सीजन मैन, पर्यावरण सांसद, ग्रीन मैन, ग्लोबल एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज लीडर सहित अन्य नाम से जाना जाता है, ने जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए एक अनोखा मिशन शुरू किया है. वह 10 लाख सीड बॉल तैयार करने में जुटे हुए हैं, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा में मदद करेंगे, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इसकी जानकारी देते हुए ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन ने बताया कि वह अपने इस मिशन की शुरुआत वर्ष 2008 में किया था, जब उन्होंने देखा कि उनके आसपास के क्षेत्र में वृक्षों की कमी हो रही थी. उन्होंने महसूस किया कि वृक्षों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के कारण पर्यावरण पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है. इसलिए, उन्होंने तय किया कि वह कुछ ऐसा करेंगे जिससे पर्यावरण की रक्षा हो सके. उन्होंने सीड बॉल के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सीड बॉल तैयार करने का एक आसान और प्रभावी तरीका है, जिससे वृक्षों को लगाया जा सकता है. सीड बॉल मिट्टी और बीजों का मिश्रण होता है, जिसे गोल आकार में बनाया जाता है. जब यह सीड बॉल जमीन पर गिरता है, तो यह बीजों को उगने के लिए एक उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है. इस तरह सीड बॉल वृक्षों को लगाने का एक आसान और प्रभावी तरीका है. उन्होंने बताया कि 10 लाख सीड बॉल तैयार करने का उनका लक्ष्य है. उन्होंने बताया कि यह एक बड़ा लक्ष्य है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि यह संभव है. वह इन दिनों बेगूसराय जिला के खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र में अपने दोस्तों, परिवार के सदस्यों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ मिलकर सीड बॉल तैयार करने में जुटे हैं. उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों में स्कूलों और कॉलेजों में भी सीड बॉल बनाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की हैं.
बताते चलें कि ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन का मिशन न केवल पर्यावरण की रक्षा में मदद करेगा, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वृक्षों को लगाने से वायु प्रदूषण कम होता है, जल संचयन बढ़ता है और मिट्टी का क्षरण रुकता है. इसके अलावे वृक्षों से ऑक्सीजन का उत्पादन होता है, जो जीवन के लिए आवश्यक है.