गैर मजरुआ आम सड़क व नीजी जमीन पर जबरन मंदिर निर्माण का कार्य शुरु, भूस्वामी ने लगायी न्याय की गुहार* *मामला फफौत पंचायत के चकवा गांव की*

खोदावंदपुर/बेगूसराय। फफौत पंचायत के चकवा गांव में गैर मजरुआ आम सड़क की जमीन व नीजी भूमि पर दबंगों द्वारा गलत तरीके से मंदिर के निर्माण कार्य किया जा रहा है. जमीन मालिक ने इसका विरोध करते हुए डीआईजी, एसपी, डीएम, डीएसपी, बीडीओ, सीओ, थाना एवं मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगायी है.पीड़ित भूस्वामी चकवा गांव निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक नरेंद्र प्रसाद सैनी ने अपने आवेदन में बताया है कि मेरे नीजी जमीन और मेरे घर के सामने सड़क की जमीन में कुछ असामाजिक तत्वों के द्वारा जबरन पूराने हनुमान मंदिर को तोड़कर नये मंदिर का निर्माण कार्य जारी है. जिसका खाता नंबर 05, खेसरा 271 में पांच कड़ी जमीन तथा सड़क की जमीन का खेसरा नंबर 177 में गत 11 सितंबर से नवनिर्माण कार्य जारी है. इसकी सूचना भूस्वामी के द्वारा ग्राम पंचायत राज फफौत के सरपंच, मुखिया, वार्ड सदस्य एवं कुछ गणमान्य व्यक्ति को दिया गया. वेलोग घटनास्थल पर आये तो उनलोगों के समक्ष भी असामाजिक तत्वों के लोग हर घर नल का जल योजना के द्वारा आपूर्ति की जा रही पाइप को तोड़कर फेंक दिया. तथा विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधों को उखाड़ दिया. ऐसा करने से मना करने पर वेलोगों ने जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं. इसकी सूचना खोदावन्दपुर पुलिस को गत 12 सितंबर की सुबह में ही दे दी गयी. बावजूद दबंगों ने खोदावन्दपुर पुलिस व जनप्रतिनिधियों की बात को अनदेखी करते हुए मंदिर का निर्माण कार्य जारी रखा. तथा भूस्वामी नरेन्द्र प्रसाद सैनी के घर का खिड़की अवरुद्ध करते हुए सड़क की जमीन में मंदिर निर्माण जारी रखें हुए है. इसकी लिखित शिकायत अंचल अधिकारी खोदावन्दपुर को भी दिया गया. मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए अंचलाधिकारी प्रीति कुमारी ने राजस्व कर्मचारी रामदेव मंडल को मंदिर निर्माण कार्य स्थल पर भेजकर उसे जांच पड़ताल कर अविलंब निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दी. उसके बाद भी दबंगों ने कार्यस्थल पर निर्माण कार्य जारी रखा. बताते चले कि सन 1999-2000 में भी कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा विवाद किया गया था, जिसमें तत्कालीन अंचलाधिकारी ने अंचल अमीन द्वारा भूमि की नापी कराकर उसका नापी प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था. इसमें नरेन्द्र प्रसाद सैनी के जमीन के आगे सड़क की 40 कड़ी जमीन अंकित है. इसी समय माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा सीडब्ल्यूजेसी संख्या- 5078 के द्वारा केस नंबर 09/2000-01 में अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया गया था, जिसमें अंशतः कार्रवाई हुई थी. पुनः लगभग 24-25 वर्षों के बाद गांव के कुछ असामाजिक व्यक्तियों ने पूजारी के साथ सांठगांठ कर नयी घटना को अंजाम देने पर तुले हैं. इस तरह की घटना से भूस्वामी सपरिवार अत्यंत ही भयभीत हैं. भूस्वामी ने अपने साथ कभी भी किसी समय अप्रिय घटना घटने की भी बात बतायी है.
वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी नरेन्द्र प्रसाद सैनी के भाई तेजनारायण प्रसाद सैनी ने दो कट्ठा जमीन दान में दे दिये थे और उसी खेसरा की जमीन में नरेन्द्र प्रसाद सैनी अपना घर बना लिये हैं. वो दान की दो कट्ठे जमीन को छोड़ दें. इसी बात से गुस्साए ग्रामीणों ने एक साथ मिलकर मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं.