Khodawandpur दुल्हा-दुल्हन को पौधा भेंटकर ऑक्सीजन मैन ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, इस अनोखी पहल की चारोंओर हो रही चर्चाएं

खोदावंदपुर/बेगूसराय। खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र में एक युवक की शादी की चर्चाएं और सराहना पूरे इलाके में जोरशोर से हो रही है. बताते चले कि फफौत पंचायत के तारा गांव निवासी गंगा प्रसाद के इकलौते पुत्र राहुल कुमार की शादी 29 नवम्बर को समस्तीपुर जिला के खानपुर थाना क्षेत्र के चकवाखर निवासी उदय नारायण महतो की पुत्री विभा कुमारी के साथ हिन्दू रीतिरिवाज के साथ संपन्न हुई. शादी के उपरांत शुक्रवार की देर शाम तारा गांव में वर-वधू स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में अतिथियों ने भाग लिये. उनमें से कुछ अतिथियों के अनोखी पहल की चर्चाएं खूब हो रही है. इसी दौरान ऑक्सीजन मैन के चर्चित ग्लोबल एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज लीडर, ऑक्सीजन बचाओ हरित यात्रा कैंपेन के फाउंडर व पर्यावरण सांसद राजेश कुमार सुमन ने वर वधू के शुद्ध प्राणवायु के लिए कृत्रिम व दिखावटी चाइनीज उपहार के बदले इको फ्रेंडली उपहार के रूप में करीब एक दर्जन फलदार, औषधीय और छायादार पौधा नवदम्पत्ति को भेंटकर हरित शुभकामनाएं दी.
पौधा भेंट करने के पश्चात उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए ऑक्सीजन मैन ने कहा कि धरती माता को हरियाली रूपी आभूषण से आच्छादित करने के लिए हमें शादी के अवसर पर पौधरोपण करने की संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है. वैसे भी हमारे सनातन संस्कृति में शादी से पूर्व वर और वधू आम और महुआ का सात-फेरा लेकर पर्यावरण संरक्षण और सुखमय वैवाहिक जीवन जीने का संकल्प लेते हैं. उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति में बेटी के शादी से पहले फलदान कार्यक्रम का रस्म होता है. उस कार्यक्रम में बेटी के पिता अपने सामर्थ्य के अनुसार होने वाले दमाद को पांच प्रकार का फल भेंट करते हैं, जो फल हमारी बेटी को नसीब नहीं हो पाता है. वह फल हमारा होने वाला दामाद और उनके परिवार के लोग खाकर खत्म कर देते हैं. अगर हम फलदान कार्यक्रम में पांच प्रकार के फल के साथ-साथ पांच प्रकार के फलदार पौधा देने की परंपरा बनाते हैं तो आने वाले 5 सालों में उस पेड़ से फल फलेगा तो हमारी बेटी-दमाद और नाती/नतिनी सभी एक साथ मिलकर फल खाएंगे. हो सकता है जब बेटी के माता-पिता भी वहां जाएंगे, वह भी फल खा पाएंगे. उस पेड़ से शुद्ध प्राणवायु मिलेगी, जिससे हमारा आस-पास का वातावरण भी शुद्ध होगा. आने वाले समय फलदान कार्यक्रम के अवसर पर पौधा भेंट करने की परंपरा विकसित हो जायेगा, जिससे हमारा पर्यावरण संरक्षण भी हो पायेगा.
वर-वधू हरित उपहार के रूप में पौधा पाकर खुशी से झूम उठे और संकल्प लिया कि पौधरोपण से हम लोग गृहस्थ जीवन का शुरुआत करेंगे. उन्होंने ऑक्सीजन मैन को आश्वस्त किया कि मैं इस पौधा को उचित ढंग से देखभाल करूंगा. वर-वधू ऑक्सीजन मैन को धन्यवाद भी दिया कि मेरे जीवन का सबसे बड़ा तोहफा है, जिसको हमेशा याद करता रहूंगा.
अंत में ऑक्सीजन मैन ने कहा कि धरती माता को हरियाली रूपी चादर से आच्छादित करने के लिए शादी के अवसर पर कृत्रिम उपहार के बदले इको फ्रेंडली उपहार के रूप में पौधा भेंट करने के साथ साथ जन्मदिन और शादी के सालगिरह जैसे मांगलिक आयोजनों के अवसर पर केक काटने के बजाय हमें पौधरोपण करने की संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है. इसके अलावे मुंडन और जनेऊ जैसे संस्कारों के अवसर पर भी पौधरोपण को संस्कार के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है. इस दौरान बीडीओ नवनीत नमन, सीओ अमरनाथ चौधरी, झारखंड विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत चीफ इंजीनियर राम उदगार महतो, आर के पी बुद्धा एकेडमी तारा बरियारपुर के प्राचार्य अजीत कुमार व उनके विद्यालय की पूरे टीम, समाजसेवी राम गुलजार महतो, यमुना प्रसाद, रवीन्द्र कुमार, दीवाकर भारती सहित कई गणमान्य लोगों ने भी पौधा भेंट किया.