Khodawandpur: खोदावन्दपुर क्षेत्र में बड़ी धूमधाम से मनाया गया नागपंचमी, फफौत पुल घाट व रामघाट में किया गया मेला का आयोजन*

खोदावंदपुर/बेगूसराय। शुक्रवार को खोदावन्दपुर  प्रखंड क्षेत्र के बुढ़ीगंडक नदी के विभिन्न घाटों पर बड़ी धूमधाम से नागपंचमी मनाया गया. नागपंचमी को लेकर सुबह से ही लोगों ने भगवती स्थान पर दुध, धान का लावा व झांप चढ़ाने के लिए भीड़ लगी हुई थी. लोगों ने सुबह से ही बाजारों में आम, कटहल आदि फलों की जमकर खरीदारी की. गांव के प्रबुद्धजनों ने बताया कि मन्नतें पूरी होने पर विषहरी मंदिर में नाग देवता को झांप चढ़ाने की परंपरा आज भी कायम है. उन्होंने बताया कि नीम पता का रस उस समय की मन्नता के मुताबिक विष विरोधी होता था और कुश खरखरापन होता है. इसी से कुश के जंगल में नाग नहीं जाता है. इसीलिए आज के दिन लोग नीम का पत्ता व कुश का उपयोग करते आ रहा है. बूढ़ीगंडक नदी के रामघाट व फफौत पुल घाट सहित अन्य घाटों पर भव्य मेला का आयोजन किया गया. तथा भगत के द्वारा बूढ़ीगंडक नदी से सांप निकालकर दर्शकों को दिखाया गया. उक्त घाटों पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ लगी हुई थी.भगत दुलारचंद ठाकुर, विनोद पासवान, सिंघेश्वर मल्लिक, भगतीनी रेखा देवी आदि भगतों ने भगवती माता का विशेष पूजा-अर्चना की. नरहन-फफौत पुल चौक पर हजारों दर्शकों की भीड़ से घंटों जाम लगी रही. जिससे राहगीरों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी.
वहीं नागपंचमी मेला को लेकर रोसड़ा एसडीपीओ के नेतृत्व में दर्जनों पुलिस बल मुस्तैद दिखें, परंतु फफौत पुल चौक पर खोदावन्दपुर प्रशासन नदारत थे. चौकीदार के सहारे मेला का सुरक्षा व्यवस्था किया गया.स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली बार नागपंचमी मेला में फफौत पुल चौक व रामघाट में पर खोदावन्दपुर से एक भी प्रशासन नहीं आये, जो चिंता का विषय है. उन्होंने बताया कि सिर्फ चौकीदार के भरोसे मेला में सुरक्षा व्यवस्था को छोड़ना किसी भी अप्रिय घटना को बढ़ावा देना जैसा है.