Khodawandpur: बेलगाम अज्ञात कार की ठोकर से अधेड़ मजदूर की गयी जान, परिजनों में मचा कोहराम *घटना एस एच 55 पर दौलतपुर चौक के समीप की*

खोदावंदपुर/बेगूसराय। बेलगाम अज्ञात कार की ठोकर से एक अधेड़ मजदूरी की जान चली गयी. मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया. घटना गुरुवार की देर शाम बेगूसराय-रोसड़ा मुख्य पथ एस एच 55 पर दौलतपुर चौक के समीप घटी. मृतक मजदूर सागी पंचायत के नुरुल्लाहपुर गांव स्थित वार्ड चार निवासी नसीर उद्दीन का 53 वर्षीय पुत्र कादिर उद्दीन है.घटना की सूचना मिलते ही दर्जनों लोगों की भीड़ जुट गयी. और कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गयी. गंभीर रुप से जख्मी मजदूर को इलाज के लिए स्थानीय नीजी क्लिनिक में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के संदर्भ में परिजनों ने बताया कि कादिर उद्दीन ठेला पर आइसक्रीम बेचने का काम करता था. वह आइसक्रीम कारोबारी के यहां ठेला जमा कर वापस अपने घर लौट रहा था, तभी घटनास्थल के समीप सड़क पार करने के दौरान अज्ञात अल्टो कार ने मजदूर को जोरदार ठोकर मारकर भागने में सफल रहा. इस घटना में आइसक्रीम फेरी करनेवाले कादिर उद्दीन की दर्दनाक मौत घटनास्थल पर ही हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष सुदीन राम, पीटीए अमरजीत कुमार सिंह ने पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की गहन जांच पड़ताल करने में जुट गये तथा मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए शुक्रवार को सदर अस्पताल बेगूसराय भेज दिया.
मजदूर की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुराहाल-
मजदूर कादिर उद्दीन की मौत से उसके परिजनों का रो रो कर बुराहाल हो गया है. मृतक को चार संताने हैं, जिनमें दो पुत्र 15 वर्षीय मोहम्मद सिराज, 10 वर्षीय मोहम्मद मेराज व दो पुत्री 17 वर्षीया गोसिया प्रवीण, 8 वर्षीया एरम प्रवीण शामिल है. जो अपने पिता के शव से लिपटकर दाह मारकर रो रही थी.मृृतक की पत्नी सुबी खातुन दहाड़ मारकर रो रही थी. इस घटना से पूरे नुरुल्लाहपुर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है. वहीं घटना की सूचना मिलते ही पंचायत के मुखिया मोहम्मद इरशाद आलम, पंचायत समिति सदस्य जुनैद अहमद, प्रखंड राजद अध्यक्ष जियाउर रहमान उर्फ सैफी, समाजसेवी फिरोज अख्तर उर्फ हेना, माले नेता अवधेश कुमार समेत अनेक लोगों को शोकसंतप्त परिजनों से मिलकर सांत्वना दिया तथा इस दुख की घड़ी में हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया. वहीं पंचायत के मुखिया इरशाद आलम ने कबीर अंतेष्टि योजना के तहत मृतक के परिजनों को तीन हजार रुपये दिये.