खोदावन्दपुर: प्रतिमा विसर्जन के साथ तीन दिवसीय चैती दुर्गा मेला का हुआ समापन *बाड़ा, पथराहा व मेघौल पेठिया स्थित मंदिरों में मां दुर्गे की प्रतिमा की गयी थी स्थापित*

खोदावंदपुर/बेगूसराय। शनिवार की अहली सुबह खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र के बाड़ा पेठिया गाछी, बाड़ा गांव, पथराहा एवं मेघौल पेठिया स्थित दुर्गा मंदिर में स्थापित मां दुर्गे की प्रतिमा का विसर्जन शनिवार की अहली सुबह बूढ़ीगंडक नदी के विभिन्न घाटों व तालाबों में कर दिया गया. इस मौके पर संबंधित मंदिर परिसर से गाजेबाजे के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली गयी, जो गांव का भ्रमण करते हुए विभिन्न घाटों व पोखर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गे की आरती कर उन्हें अंतिम विदाई दी गयी. शुक्रवार की सुबह से ही दशमी पूजा को लेकर दुर्गा मंदिरों में दिनभर मां के दर्शन व पूजा के लिए श्रद्धालुओं एवं भक्तजनों का तांता लगा रहा. इस दौरान मेला परिसर में बच्चों के मनोरंजन के लिए खिलौने, मीणा बाजार एवं मिठाई की दुकानों पर ग्राहकों का भारी भीड़ देखा गया. दुर्गा पूजा को लेकर बाड़ा पेठिया गाछी परिसर में शुक्रवार की रातभर प्रसिद्ध कालाकारों के द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जहां सैकड़ों दर्शकों ने रातभर झूम झूमकर आनंद उठाया. बताते चले कि चैती दुर्गा पूजा को लेकर बाड़ा, पथराहा एवं मेघौल पेठिया स्थित मंदिर परिसर में तीन दिवसीय मेला का आयोजन किया गया था, जो प्रतिमा विसर्जन के साथ संपन्न हो गया. शोभायात्रा में पूजा समिति के संयोजक राम मूर्ति सिंह, टिंकू राय, अरुण सहनी, पंडित बालेश्वर झा, मुरारी सिंह, लालो दास, रामजी पंडित, गोपाल कुमार, बौआ गुप्ता, रामबली महतो सहित दर्जनों श्रद्धालु शामिल थे.