बेगूसराय: सड़क हादसे में एक युवक की हुई दर्दनाक मौत, आक्रोशित लोगों ने लाखों विश्वकर्मा चौक के समीप शव को रखकर किया सड़क जाम

खोदावन्दपुर/बेगूसराय। लाखों ओपी क्षेत्र के एन एच 31 विश्वकर्मा चौक के समीप सोमवार को हुए सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गयी। मौत की खबर सुनते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया.मृतक युवक की पहचान लाखों पंचायत के वार्ड नौ निवासी स्वर्गीय सत्य नारायण सिंह के 40 वर्षीय पुत्र पेंटर नीरज सिंह के रुप में की गयी. घटना के संदर्भ में मिली जानकारी के अनुसार लाखों विश्वकर्मा चौक के समीप उक्त युवक चाय पीकर पैदल वापस अपने घर लौट रहा था, तभी एक बेलगाम ऑटो चालक ने उन्हें गाड़ी से धक्का मार दिया, जिसके कारण उनकी दर्दनाक मौत घटनास्थल पर ही हो गयी। घटना के बाद लाखों गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंचकर  शव को बीच सड़क पर रखकर यातायात को ठप कर दिया। जिसके कारण सड़क के दोनों ओर छोटे बड़े वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थी। जिससे राहगीरों को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। सड़क जाम लगभग तीन घंटे तक रहा। जामस्थल पर आक्रोशित लोगों ने मुआवजे की मांग कर रहे थे।
वहीं घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि 26 जनवरी 2020 को मृतक के अपने बड़े भाई स्वर्गीय मंटू सिंह पेंटर के पुत्र 20 वर्षीय सोल्जर सिंह की भी मौत अनियंत्रित ट्रक की ठोकर से हो गयी थी। इतने दिन बीत जाने के बावजूद भी आपदा विभाग से अब तक मृतक के परिजनों को मुआवजा नहीं मिला है। यह जिला प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि दोनों मृतक के परिवार को जब तक सरकारी रूप से मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक सड़क को हम लोग जाम रखेंगे। सड़क जाम की सूचना पाकर लाखों थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार अपने सशस्त्र पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने उनका कुछ भी नहीं सुना। सभी आक्रोशित ग्रामीण वरीय पदाधिकारियों को घटनास्थल पर बुलाने की मांग कर रहे थे। घटना की जानकारी पाकर सदर बीडीओ सुदामा प्रसाद सिंह, सीओ दीपक कुमार आदि ने घटनास्थल पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को काफी समझा बुझाकर तीन घंटे के बाद सड़क जाम को समाप्त करवाया, साथ ही मृतक के शव को उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। उसके बाद सड़क पर दोनों तरफ आवागमन सामान्य हुआ। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है। मृतक के परिजन सभी दैनिक मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। पेंटर नीरज सिंह के चले जाने के बाद मृतक के परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा, अब उसके परिवार का भरण पोषण कौन करेगा?