खोदावंदपुर/बेगूसराय। अखिल भारतीय पासी समाज बेगूसराय इकाई संघ के द्वारा कलेक्ट्रेट भवन के दक्षिणी द्वार पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष विनोद चौधरी ने किया। उन्होंने जिले भर से पहुंचे पासी समाज के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हम लोगों का शुरू से यह पुश्तैनी धंधा है ताड़ी बेचना। इसी ताड़ी को बेचकर हमारा घर परिवार चलता है, लेकिन जिला के उत्पाद अधीक्षक के द्वारा भेजे गए पुलिस हमारे घर में जबरन घुसकर हमारी मां बहनों को जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए भद्दी भद्दी गालियां देते हैं. साथ ही यह भी कहते हैं कि तुम लोग ताड़ी में गोट्टी मिलाकर तारी बेचते हो, जो कि दारू बेचने के बराबर है। पुलिस हमारे पासी समाज के लोगों को जबरन घर से उठाकर ले जाती है और उसके ऊपर तारी के बदले दारू का केस बनाकर जेल पासी को भजने का काम करती है। जिसके कारण पासी समाज के लोग दूसरे राज्य में रोजी रोटी के लिए पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के द्वारा पासी समाज के लोगों को ताड़ और खजूर पेड़ का टैक्स फ्री कर दिये थे और हमलोगों को बोले थे कि पासी भाई समाज के लोग शुद्ध तारी तार खजूर के पेड़ पर से उतारकर बेचो और उस पैसे से अपने परिवार का भरण पोषण करो, लेकिन अभी हम लोगों को पुलिस बेवजह परेशान घर में घुसकर करती है। पासी समाज के लोगों को तारी बेचने के बदले शराब बेचने का केस बनाकर जेल भेज रही है। हम लोग सरकार को नीरा देने के लिए तैयार हैं, लेकिन जब तक सरकार नीरा नहीं लेती है, तब तक हमलोगों को तारी बेचने के लिए दिया जाए। धरना कार्यक्रम को कई लोगों ने संबोधित किया।
वहीं पासी समाज के पांच सदस्यों की टीम ने डीएम से मिलकर अपना पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा और उनसे शिकायत किया कि पुलिस के द्वारा पासी समाज के लोगों पर की जा रही कार्रवाई पर अविलंब रोक लगे। मौके पर उपेंद्र चौधरी, रुपेश चौधरी, निरंजन चौधरी, किशन चौधरी, सुमित चौधरी, दर्शन चौधरी, जितेंद्र चौधरी, अशोक चौधरी, राजकुमार चौधरी, संतोष चौधरी समेत सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष व पासी समाज के लोग शामिल थे।