खोदावंदपुर: जैविक खाद के प्रयोग से करें पपीते की खेती, उपज होगी अच्छी: डॉ रामपाल, मुसहरी गांव में पपीता उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन।

खोदावंदपुर/बेगूसराय। खोदावंदपुर पंचायत के मुसहरी गांव में रविवार को पपीता उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र खोदावन्दपुर के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ रामपाल, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी दर्शना कुमारी एवं थानाध्यक्ष सुदीन राम ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया, जबकि संचालन प्रगतिशील किसान व शिक्षक रामस्वार्थ महतो ने की.इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केविके प्रभारी डॉ राम पाल ने कहा कि किसान जैविक खाद का प्रयोग कर पपीता की खेती करें.इससे उपज काफी अच्छी होगी.जैविक खाद अन्य फसलों में भी काफी फायदेमंद है.उन्होंने भारत सरकार के द्वारा चलाये जा रहे बीज ग्राम योजना के बारे में विस्तार से चर्चा की. वहीं थानाध्यक्ष सुदीन राम ने कहा कि रासायनिक खाद काफी हानिकारक होता है.किसान नेचुरल विधि से खेती करें.और वर्मीकम्पोस्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें.इससे फसल की उपज बेहतर होगी. सीडीपीओ दर्शना कुमारी ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और सभी किसान मिलकर देश का पालन पोषण करते हैं. धीरे-धीरे जब स्वतंत्रता मिली तो हमारे यहां खाने के लिए भी अनाज नहीं था. सन 1967 ईस्वी में हमारे यहां हरित क्रांति आयी और धड़ल्ले से बहुत ज्यादा उत्पादन होने लगा. वर्तमान समय में विभिन्न तरह के खादों का उपयोग से उर्वरा शक्ति कम होते जा रहा है. उन्होंने प्रखंड प्रशासन से खोदावंदपुर क्षेत्र में एक कूड़ा निपटारन का व्यवस्था किए जाने की भी मांग की. इससे क्षेत्र स्वच्छ हो सकें. वहीं प्रगतिशील किसान रामस्वार्थ महतो ने कहा कि आलू बीज उत्पादन से कार्य प्रारंभ किये थे.और केविके से नयी तकनीक अपनाकर पपीते एवं केले फसल की खेती किया हूँ. और आज के समय पर हर घर के किसान आलू की खेती कर रहे हैं. तथा किसान अपने खेतों से उत्पादित आलू को सालोभर खाते हैं, जो केविके की देन है. उन्होंने कहा कि केविके से नयी तकनीक अपनाकर केचुआ एवं जैविक खाद के प्रयोग से केले एवं पपीते की खेती किया हूँ. और फसल उत्पादन कर आज अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इस मौके पर प्रगतिशील किसान रामस्वार्थ महतो के द्वारा आगत अतिथियों को खेतों से उत्पादित पपीता, अमरुद व केला फल का स्वाद चखाया.कार्यक्रम को वैज्ञानिक डॉ एन एन पाटिल, सागी पंचायत के मुखिया इरशाद आलम, दौलतपुर के मुखिया उमा कुमार चौधरी, पूर्व मुखिया कृष्ण देव चौधरी, रामपदारथ महतो, प्रगतिशील किसान राजकुमार, सेवानिवृत्त शिक्षक राजेन्द्र महतो, युगेश्वर महतो, रजनीश कुमार वर्मा, अरुण कुमार आदि ने संबोधित किया. मौके पर पीटीए रामजी प्रसाद, पंसस जुनैद अहमद उर्फ राजू, सरपंच प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार, रंजीत कुमार झूना समेत अनेक किसान मौजूद थे.कार्यक्रम समाप्ति के बाद अतिथियों ने किसानों द्वारा लगाये गये केले एवं पपीते की खेती का परिभ्रमण कर जायजा लिया.