राजेश कुमार,खोदावंदपुर/बेगूसराय। देशभर में 6 लाख से अधिक बहनों और बेटियों के सम्मान में पौधरोपण करने वाले बिहार के सबसे शक्तिशाली पर्यावरण प्रेमी ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन के मजबूत हाथ पर रक्षाबंधन के पूर्व संध्या पर सैकड़ों की संख्या में बहनों ने सांसे हो रही है कम, आओ पेड़ लगाएं हम, जल बचाओ जीवन बचाओ, पर्यावरण बचाओ देश बचाओ स्लोगन लिखी राखी हाथ से बनाकर बांधी.
इस रक्षाबंधन के पूर्व संध्या के मौके पर ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन की सैकड़ों बहनों ने उन्हें एक अनोखा तोहफा देने का फैसला लिया. उन्होंने हाथ से राखी बनायी, जिस पर "सांसे हो रही है कम, आओ पेड़ लगाएं हम" का स्लोगन लिखा था. यह राखी न केवल भाई-बहन के प्यार का प्रतीक थी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक थी. ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन ने भी अपनी सभी बहनों को हरित उपहार के रूप में चीकू का पौधा भेंट किया.
जब ऑक्सीजन राजेश कुमार सुमन ने अपनी बहनों से राखी ली, तो वह भावुक हो गये. उन्होंने अपनी बहनों को धन्यवाद दिया और कहा कि वह उनके प्यार और समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहेंगे. उन्होंने यह भी वादा किया कि वह पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने प्रयासों को जारी रखेंगे और अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे. इस अवसर पर ऑक्सीजन राजेश कुमार सुमन की बहनों ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखायी. उन्होंने कहा कि वह अपने भाई के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करेंगी और अधिक से अधिक लोगों को पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करेंगी. इस दौरान ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन ने बहनों के साथ मिलकर पेड़ में राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया.
ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन और उनकी बहनों की यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि भाई-बहन के प्यार और समर्थन का भी प्रतीक है. यह एक मिसाल है कि कैसे हम अपने रिश्तों में पर्यावरण संरक्षण को शामिल कर सकते हैं और एक दूसरे को प्रेरित कर सकते हैं. आठ अगस्त को ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन और उनकी बहनों की यह पहल पूरे देश में चर्चा का विषय बन गयी है. लोग उनकी इस पहल से प्रेरित हो रहे हैं और अधिक से अधिक पेड़ लगा रहे हैं. यह एक छोटी सी पहल है, लेकिन इसके परिणाम बड़े हो सकते हैं. अगर हम सभी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाएं और अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, तो हम अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकते हैं.