खोदावंदपुर,बेगूसराय। मौनसून की दस्तक के साथ ही मंगलवार की रात में खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र में हुई मुसलाधार वर्षा ने सूखे खेतों में पानी भर दिया, इससे किसानों के चेहरे पर खुशी लौट गयी.
बुधवार की सुबह से ही किसान धान रोपनी कार्य में लग गये. मौनसून की पहली वर्षा से खरीफ फसलों को फायदा होने का अनुमान है. वहीं दूसरी ओर मौनसून की पहली वर्षा ने ग्रामीण सड़कों की सूरत बिगाड़ दी. ग्रामीण सड़कों पर जगह-जगह जलजमाव हो गया.खोदावंदपुर प्रखंड मुख्यालय का मैदान तालाब जैसा दिखने लगा. जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में ग्रामीण सड़कों पर पानी जमा हो जाने से लोगों के आवगमन में कठिनाई हो रही है. डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्व विद्यालय पूसा के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया है कि आगामी 20 जुलाई तक मध्यम वर्षा हो सकती है.
इसको देखते हुए खोदावंदपुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ रामपाल ने किसानों को सलाह दी है कि वह अपने ऊँची व मध्यम ऊंचाई वाली जमीन के खेतों में धान की रोपनी शुरू कर दें. उन्होंने खेतों की मिट्टी जाँच के आधार पर धान रोपनी कार्य के दौरान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह भी दिया है. प्रधान कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को अरहर फसल की बुआई करने की सलाह भी दिया है. किसानों को मिर्च की खेती की सलाह देते हुए उन्होनें क्यारी बनाकर मिर्च का बीज लगाने की बात बतायी है.
वरीय कृषि वैज्ञानिक ने खेतों में लगी विभिन्न सब्जी के पौधों की निगरानी करने एवं इन पौधों को पौधा नाशक कीटों से बचाने के लिए 0.3 मिली इमिडाक्लोरोप्रिड दवा का एक लीटर पानी के साथ घोल बनाकर इसका छिड़काव करने की सलाह किसानों को दिया है. बताते चलें कि वर्षा होने से लोगों को भीषण गर्मी व उमस से निजात मिली है. वर्षा शुरू होने पर मंगलवार की पूरी रात क्षेत्र में बिजली गुल रही. पूरा खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र अंधकार में डूबा रहा.