खोदावन्दपुर/बेगूसराय। नदियां पर्यावरण सुरक्षा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है. जल पारिस्थितिकी तंत्र का आधार है. यह बातें खोदावन्दपुर प्रखंड क्षेत्र के दौलतपुर गांव के युवा ऑक्सीजन मैन के नाम से चर्चित सरोज कुमार ने कहीं. उन्होंने कहा कि नदियां पीने के पानी, सिंचाई और उद्योगों के लिए जल प्रदान करती है. ये जैव विविधता को बनाए रखती है, क्योंकि इनके किनारे विभिन्न प्रजातियों के पौधे, जीव, जंतु और सुक्ष्मजीव पनपते है. नदियां बाढ़ के दौरान उपजाऊ मिट्टी को मैदानों में जमा करती है, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ती है. नदियां स्थानीय जलवायु को संतुलित करती है. ये नमी प्रदान करती है, जो वर्षा चक्र को प्रभावित करती है और तापमान को नियंत्रित करती है. साथ ही अपशिष्ट को बहाकर ले जाती है तथा प्राकृतिक रूप से जल को शुद्ध करती है. बशर्ते प्रदूषण का स्तर उनकी वहन क्षमता से अधिक न हो. युवा ऑक्सीजन मैन ने कहा कि नदियां विभिन्न जलीय और स्थलीय प्रजातियों का आवास है. ये मछलियों, पक्षियों और वन्य जीवों के लिए प्रजनन और जीवन चक्र का आधार है. नदियां जल चक्र को बनाये रखती है, जो भूमिगत जल को रिचार्ज करने और समुद्रों तक जल पहुंचाने में मदद करती है. नदियां न केवल पर्यावरण बल्कि मानव सभ्यता संस्कृति और अर्थव्यवस्था को भी समृद्ध करती है. नदियों का प्रदूषण, अत्यधिक दोहन और बांध निर्माण उनकी पर्यावरणीय भूमिका को खतरे में डालते है. नदियों की सुरक्षा के लिए प्रदूषण नियंत्रण, वनीकरण और टिकाऊ जल प्रबंधन आवश्यक है. नदियां पर्यावरण का अभिन्न अंग है और इनका संरक्षण समग्र पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता के लिए जरूरी है.