खोदावंदपुर/बेगूसराय। एड्स एक गंभीर बीमारी है, जो किसी को भी अपनी चपेट में ले सकती है. हालांकि आज भी लोगों में जागरूकता की कमी है, जो इसके खतरे को काफी बढ़ा देता है. ऐसे में इस जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के उदेश्य से प्रत्येक वर्ष एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है. उपर्युक्त बातें सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ दिलीप कुमार ने शुक्रवार को विश्व एड्स दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं. कहीं. उन्होंने एड्स रोग फैलने के कारण और इससे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि असुरक्षित यौन संपर्क से किसी एचआईवी ग्रसित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले दूसरे स्वस्थ्य व्यक्ति को एचआईवी वायरस फैलने का खतरा होता है. इसके साथ ही सीएचसी द्वारा गर्भवती महिलाओं, टीबी के रोगियों एवं जन सामान्य को नि:शुल्क परामर्श एवं जांच सेवा उपलब्ध करवायी जाती है.वहीं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष विश्व एड्स दिवस एक विशिष्ट विषय पर केंद्रित होता है, जो इस वर्ष लेट कम्युनिटीज लीड है. क्योंकि परिवर्तन एक क्षण पर नहीं बल्कि एक आंदोलन पर निर्भर करता है. "समुदायों को नेतृत्व करने दें" के संदेश के साथ ही खोदावंदपुर प्रखंड अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र संख्या- 54 पर सघन मिशन इन्द्रधनुष कार्यक्रम के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं एवं अन्य लोगों का एचआईवी जांच किया गया. इसके अतिरिक्त मलमल्ला स्वास्थ्य उप केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी आये लाभार्थियों का एचआईवी जांच किया गया. एक दिसंबर को आयोजित शिविर में कुल 62 लोगों का एचआईवी जाँच किया गया, जिसमें सभी लोगों का जांच रिपोर्ट नगेटिव पाया गया. जाँच टीम में एएनएम उषा कुमारी, सीएचओ प्रवीण कुमार, जीएनएम भिकमचन्द एवं लैब टेक्नीशियन केशव कुमार समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.