खोदावंदपुर/बेगूसराय। मुख्यमंत्री नल जल योजना से जुड़े मेघौल पंचायत के पंप संचालक आगामी एक अगस्त से पेयजलापूर्ति कार्य ठप कर दिये जाने की चेतावनी दी है. बकायी पारिश्रमिक राशि के भुगतान की मांग को लेकर पम्प संचालकों ने यह निर्णय लिया है. रविवार को मेघौल गांव में पंप संचालकों की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है. बैठक में मौजूद पम्प संचालक कन्हैया दास, राजाराम महतो, शुभम कुमार, गोविंद प्रसाद सिंह, धीरज कुमार, सानिया कुमारी, सौरभ कुमार, प्रमोद कुमार, राजेश कुमार, जागो पासवान, संतोष कुमार, इन्द्रकांत मिश्र, चंदन कुमार सिंह, विनय कुमार, गुंजन कुमारी, राम शंकर महतो, मानस कुमार राजा ने बताया कि वे लोग वर्ष 2020 से ही मुख्यमंत्री नल जल योजना के तहत पंप का नियमित रूप से संचालन कर अपने अपने वार्ड के सभी परिवारों को पेयजल उपलब्ध करवा रहे हैं. पीएचईडी से जुड़े ठीकेदार के द्वारा पंप संचालकों को मासिक तीन हजार रुपया पारिश्रमिक राशि दिए जाने का प्रावधान है, परंतु ठीकेदार ने अबतक मात्र सात महीने की पारिश्रमिक राशि के रूप में 21 हजार रुपया का भुगतान किया है. शेष 29 महीने की पारिश्रमिक राशि का भुगतान कार्य लंबित है. पारिश्रमिक राशि मांगने पर ठीकेदार द्वारा टालमटोल किया जा रहा है. पंप संचालकों ने बताया कि पारिश्रमिक राशि नहीं मिलने से उनके तथा उनके परिजनों के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. बकायी पारिश्रमिक राशि के भुगतान की मांग को लेकर उनलोगों ने कई माह पहले भी कार्य ठप किया था. पेयजलापूर्ति ठप हो जाने पर ठीकेदार ने उनलोगों को जल्द ही बकायी राशि के भुगतान कर देने का भरोसा दिया था. पीएचईडी के पदाधिकारी भी जल्द से जल्द इस समस्या के निराकरण का आश्वासन देकर पेयजलापूर्ति का कार्य फिर से शुरू करवाया था. परंतु विभाग के अधिकारियों एवं ठीकेदार के द्वारा दिया गया आश्वासन महज खोखला सावित हुआ. बकायी पारिश्रमिक राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया. विवश होकर वे लोग आगामी एक अगस्त से पेयजलापूर्ति का कार्य ठप करने का निर्णय लिया है.