बेगूसराय: राज्य सरकार के पास औद्योगिक विकास के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है, इसलिए इच्छुक उद्यमी, उद्योग विभाग से लें लाभ: संदीप पाड्रिक *उद्योग विभाग राज्य सरकार के प्रधान सचिव संदीप पांड्रिक ने कारगिल विजय सभागार भवन में डीएम व अन्य पदाधिकारियों के साथ किया समीक्षात्मक बैठक*

खोदावंदपुर/बेगूसराय। राज्य सरकार के उद्योग विभाग के प्रधान सचिव संदीप पौड्रिक ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार के पास औद्योगिक के विकास के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध है, इसलिए  इच्छुक उद्यमी, उद्योग विभागों में संचालित योजनाओं एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आगे आएं। उपरोक्त बातें बुधवार को कारगिल विजय सभागार भवन में डीएम रोशन कुशवाहा के अलावा कई अन्य पदाधिकारियों के साथ एक समीक्षात्मक बैठक के दौरान उद्योग विभाग के प्रधान सचिव ने कही, उन्होंने कहा कि जिला उद्योग केंद्र, बैंकिंग इकाई एवं जीविका की दीदियां आपसी समन्वय स्थापित कर मिलकर कार्य करती हैं तो योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक उद्यमियों तक पहुंच सकता है। इस क्रम में वर्तमान में संचालित योजनाओं से भी संबंधित, सभी लंबित मामलों का निष्पादन के लिए सहयोग की भावना से कार्य करने को कहा। इसके पूर्व उद्योग विभाग के प्रधान सचिव श्री पौड्रिक ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के क्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत प्राप्त आवेदनों तथा कृत कार्रवाई की बैंक वार गहन समीक्षा की तथा प्राप्त आवेदनों के विरुद्ध कम स्वीकृति पर अपनी गहरी नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी आवेदन को बेवजह लंबित न रखें तथा विशेष स्थिति में ही उसे स्वीकृत करें। उन्होंने कहा कि किसी बैंक शाखा द्वारा यह जान बूझकर आवेदनों के संबंध में समुचित कार्रवाई नहीं की जा रही है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश डीएम को दिया। उन्होंने जिला अंतर्गत इस योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदनों को 03 नवंबर तक स्वीकृत करने का सख्त निर्देश दिया। इस अवसर पर निदेशक पटना उद्योग विभाग के पंकज दीक्षित, डीएम रोशन कुशवाहा, निदेशक हस्तकरघा के विवेक रंजन मैत्रेय, एडीएम राजेश कुमार सिंह, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र के पंकज कुमार, एलडीसी मोती कुमार साह, एसडीसी अनीश कुमार, प्रभारी बैंकिंग शाखा के एसडीसी निशांत कुमार, डीपीआरओ भुवन कुमार सहित विभिन्न बैंकों के वरीय पदाधिकारी, जीविका कर्मी समेत अन्य मौजूद थे।