खोदावंदपुर/बेगूसराय। शुक्रवार की सुबह छठ व्रतियों ने गंगा व बूढ़ीगंडक नदी के विभिन्न घाटों, पोखरों, कुआं एवं चापाकलों पर पवित्र स्नान कर लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का शुभारंभ किया. प्रखंड क्षेत्र के सागी, दौलतपुर, बाड़ा, बरियारपुर पश्चिमी, फफौत, बरियारपुर पूर्वी, खोदावन्दपुर एवं मेघौल पंचायतों के विभिन्न गांवों के छठ व्रती महिलाओं व बहनों ने भी पवित्र स्नान कर चावल, दाल, कद्दू का सब्जी तैयार कर प्रसाद के रुप में अपने पूरे परिवार के लोग ग्रहण किया. साथ ही व्रतियों ने छठ पूजा के लिए गेहूं को शुद्ध पानी में धोकर छठ व्रती ओखली में डालकर समाठ से गेहूं को कूटकर एक साफ नया धोती या साड़ी के कपड़ा पर घूप में पक्का के ऊपर या खटिया पर गेहूं सुनायेगी. छठ व्रती सभी महिलाएं शुक्रवार से ही परिवार के सभी लोग छठ पूजा की तैयारी में जुट गये हैं. चार दिवसीय छठ पूजा के दौरान पवित्रता का हमेशा घर के सभी लोग मिलकर बड़ा ख्याल रखते हैं. इस छठ पर्व में बिहार की सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जिनका ससुराल बेगूसराय जिला के मटिहानी पंचायत अंतर्गत सिहमा गांव में ही है. उनका यह पारंपरिक छठ पूजा की गीत सभी लोगों के घर आंगन, चौक चौराहों के अलावे सभी छठ घाटों पर गीत बजने लगती है. गेहूं का प्रसाद छठव्रती मातायें धूप में सूखाने के समय महिला और लड़कियां मिलकर यह गीत गा रही थी कि हम तय मारबौरे सुगबा धनुष सय, सुगबा गिरैय मुरछाय, सुगबा गिरैय मुरछाय.