खोदावंदपुर/बेगूसराय। छठ पर्व को लेकर डीएम रोशन कुशवाहा ने बुधवार को फफौत गांव में पुल के नजदीक बूढ़ीगंडक नदी के घाट का निरीक्षण किया. उन्होंने घाटों पर छठव्रतियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश अधिकारियों को दिया. डीएम ने घाट को सीढ़ीनुमा बनवाने, साफ सफाई व प्रकाश की व्यवस्था करने, घाट का बैरिकेडिंग करवाने, अर्घ्य के दिन घाटों पर गोताखोरों की तैनाती करने एवं नदी में नीजी नाव के परिचालन पर रोक लगाने का निर्देश दिया. इसके अलावे उन्होंने घाटों तक आने जाने वाले रास्ते की साफ सफाई एवं रोशनी की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया. मौके पर एसडीएम मुकेश कुमार, पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार, बीडीओ राघवेंद्र कुमार, सीओ अमरनाथ चौधरी, थानाध्यक्ष सुदीन राम, प्रखंड प्रमुख संजू देवी, बेगूसराय आपदा प्रबंधन के जिला मुख्य जिला प्रशिक्षक मोहम्मद गुलाम कादिर, फफौत पंचायत की मुखिया उषा देवी, सरपंच दिलदार हुसैन, पूर्व मुखिया अनिल कुमार, स्वच्छता पर्यवेक्षक वीणा कुमारी, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल रोसड़ा के अभियंताओं के अलावे स्वच्छता ग्राही मौजूद थे.
फफौत पुल के समीप छठ घाट का निरीक्षण करते डीएम-
वहीं दूसरी ओर इस घाट से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर बरियारपुर पश्चिमी गांव के समीप रामघाट में डीएम का इंतजार कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों एवं सामाजिक व राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी.
बरियारपुर पश्चिमी रामघाट में डीएम का इंतजार करते ग्रामीण-
डीएम के फफौत गांव से ही वापस लौटने की जानकारी मिलते ही ये सभी लोग मायूस हो गये. बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के मुखिया बाबू प्रसाद वर्मा ने बताया कि डीएम के खोदावन्दपुर आने की जानकारी उन्हें भी मिली थी. बरियारपुर पश्चिमी गांव में नदी के रामघाट समेत कई घाटों के खतरनाक रहने की जानकारी डीएम को देने के लिए यहां इकट्ठे थे, परंतु डीएम के नहीं आने से उनलोगों को निराशा हुई है. वहीं ग्रामीणों ने बताया कि फफौत पुल घाट की तुलना में बरियारपुर पश्चिमी गांव के क ई घाट अत्यंत खतरनाक हैं. यहां के लोगों को छठ पर्व में अर्घ्य देना मुश्किल होगा. यदि डीएम बरियारपुर पश्चिमी गांव आते तो इन समस्याओं का निदान संभव था. परंतु उनके नहीं आने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है.
बताते चले कि प्रखंड क्षेत्र के सागी, दौलतपुर, बाड़ा, बरियारपुर पश्चिमी, बरियारपुर पूर्वी, फफौत, खोदावन्दपुर एवं मेघौल पंचायतों के विभिन्न पोखरों की स्थिति खराब है. कई पोखरों में जल नहीं है. वहीं कई पोखरों का जल दूषित है. इन पोखरों में घाट बनाने, साफ सफाई करने व गंदे पानी को साफ करने की भी जरुरत है. बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के रामघाट में डीएम के इंतजार में पंचायत के मुखिया के अलावे सरपंच नवीन प्रसाद यादव, उपमुखिया राकेश रामचन्द महतो, वार्ड सदस्य चन्द्रशेखर चौधरी, गोपाल गुप्ता, स्वच्छता पर्यवेक्षक दीप नारायण सिंह, समाजसेवी रामध्यान महतो, ललन शर्मा, रामरतन महतो, पंकेश महतो, समेत अनेक ग्रामीण व स्वच्छता कर्मी मौजूद थे.