खोदावंदपुर/बेगूसराय। कृषि वैज्ञानिकों ने धान की नयी किस्म बीआर आर 2176 की खेती करने की सलाह दी है. कृषि वैज्ञानिकों ने इस प्रभेद को काफी उपजाऊ बताया है. खोदावन्दपुर कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ रामपाल ने बताया है कि मौसम की मार, संकर प्रभेदो की उच्च कीमत तथा घटती कृषि आय के बीच धान की नई प्रभेद बीआरआर 2176 किसानों के लिए आशा की किरण बनकर आई है. लगभग 120 दिन में तैयार होने वाली इस प्रभेद का परीक्षण कृषि विज्ञान केंद्र के खोदावंदपुर प्रक्षेत्र पर पिछले 2 वर्षों से किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि क्रॉप कटिंग में इसकी उपज 68.8 कुंतल प्रति हेक्टेयर प्राप्त हुई है, जो कि एक कुंटल प्रति कट्ठा से ज्यादा है. हाइब्रिड धान से इसकी तुलना करते हुए वरीय शोधकर्ता श्री अभय रंजन ने बताया कि इसकी खेती से किसान कम लागत में दुगना मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं. धान को चावल, चूड़ा, बीज आदि के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जबकि संकर धान को किसान सिर्फ उगाते हैं. खाते नहीं है, सीधा बाजार में 1200 से 1300 प्रति क्विंटल की दर से बेच देते हैं, जिससे उन्हें प्रति कट्ठा लगभग 1300 रूपया प्राप्त होता है. नई प्रभेदत को किसान चावल बना कर खाने में उपयोग कर सकते हैं. जिससे उन्हें प्रति कट्ठा लगभग 2400 प्राप्त हो सकता है या प्रभेद धान की सीधी बुवाई के लिए भी उपयुक्त है. फसल कटनी के दौरान गोपालपुर पंचायत के किसान विमलेश कुमार, संजीव कुमार, कोरजाना के किसान संजीत कुमार, सुदर्शन कुमार एवं मोहनपुर के किसान मधुसूदन समेत अनेक किसान मौजूद थे.