खोदावंदपुर,बेगूसराय। बेगूसराय जिला के बरौनी प्रखंड अंतर्गत बरियारपुर गांव के 12 वर्षीय नभ्य गौतम को ऑस्ट्रेलिया का प्रतिष्ठित एग्लिकेयर अवॉर्ड मिला है. इस बालक के द्वारा गरीबी पर लिखी प्रभावशाली रचना को यह वैश्विक सम्मान मिला है. इससे न केवल उसके परिजनों बल्कि पूरे बेगूसराय जिला वासियों के लिए गौरब की बात मानी जा रही है. नभ्य गौतम को ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा म्यूजियम एंड गैलरी में आयोजित समारोह में एंग्लीकेयर की निदेशक के सी चेम्बर्स ने प्रदान किया. इस मौके पर जजों ने कहा कि इतनी कम उम्र में गरीबी जैसे वैश्विक विषय पर नभ्य ने अत्यंत संवेदनशील और सशक्त विचार प्रस्तुत किए, जो परिपक्व लेखन का उदाहरण है. इस पुरस्कार के मिलने की खबर से बरियारपुर गाँव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला. नभ्य के पड़ोसी और रिश्तेदार घर पहुँचकर मिठाइयाँ बाँट रहे हैं. गांव के लोग इस उपलब्धि को अपनी सामूहिक जीत मान रहे हैं.
बताते चलें कि नभ्य एक शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ा हुआ है. उसके पिता मनीष कुमार आई एस एम धनबाद के पूर्व छात्र हैं. उसके दादा कृष्ण चंद्र राय बिहार शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त गणित शिक्षक हैं, जिन्हें क्षेत्र में आदर्श शिक्षक के रूप में जाना जाता है. बताते चलें कि बिहार के बेगूसराय से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक नभ्य गौतम ने अपनी प्रतिभा से नया मानदंड स्थापित किया है. यह सम्मान न सिर्फ उसके परिवार बल्कि पूरे बिहार और भारत के लिए गर्व का क्षण है. नभ्य गौतम की मां मधुश्री सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. नभ्य गौतम का पूरा परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहता है. शिक्षा के माध्यम से सोशल रिफार्म का लक्ष्य नव्य गौतम का है. छात्र के इस सफलता पर विश्व कमल संस्थान के अध्यक्ष व मेघौल गांव निवासी विनय शर्मा ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी है.