खोदावंदपुर/बेगूसराय। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना के द्वारा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र की जांच की गयी. जांच के क्रम में खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र के बरियारपुर पूर्वी पंचायत स्थित उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय सिरसी की एक नियोजित शिक्षिका का शैक्षणिक प्रमाण-पत्र फर्जी पाया गया. फर्जी शैक्षणिक प्रमाण-पत्र के आधार पर शिक्षक पद पर नियोजित होने की घटना के आलोक में आरोपी शिक्षिका मणि कुमारी के विरुद्ध खोदावंदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने थानाध्यक्ष को दिया. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के निर्देश पर इस आरोपी नियोजित शिक्षिका के विरुद्ध मामला दर्ज कर खोदावंदपुर पुलिस ने आरोपी शिक्षिका मणि कुमारी को विद्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया, जिसे सोमवार को उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया.वहीं रविवार को विद्यालय से शिक्षिका की गिरफ्तारी होने की खबर सुनते ही शिक्षक समुदाय के लोगों में हड़कंप मच गया और क्षेत्र के चौक चौराहों पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा.
जानिए क्या है पूरा मामला-
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय पटना में दर्ज सी डब्ल्यू जे सी संख्या- 15459/14 में पारित आदेश के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जांच संख्या बी एस 8/15 दर्ज करते हुए जांच प्रक्रिया प्रारंभ किया. इस कड़ी में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति पटना में मणि कुमारी के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच की गयी. जांच के क्रम में पाया गया कि इस छात्रा के वर्ष 1986 के मैट्रिक अंक प्रमाण-पत्र में रोल कोड 6407 एवं रोल नंबर 425 अंकित है. इस छात्रा का प्राप्तांक 720 है. इसकी जन्म तिथि 7 जनवरी 1971 है, जबकि जांच के क्रम में वर्ष 1986 में रोल कोड 6407 रोल नंबर 425 का परीक्षार्थी राम लगन राय का पुत्र रामाश्रय राय पाया गया, जिसका वास्तविक प्राप्तांक 402 है और यह अभ्यर्थी तृतीय श्रेणी से मैट्रिक उतीर्ण हुआ था.